पटना : ग्राम कचहरियों ने निबटाये दो लाख से अधिक मुकदमे

किराये के मकानों में चल रहीं 3300 ग्राम कचहरियां पटना : राज्य की 3300 से अधिक ग्राम कचहरियां किराये के मकान में चल रही हैं. सस्ता और सुलभ न्याय दिलाने के लिए बनी ग्राम कचहरियों ने दो साल में दो लाख से अधिक मुकदमों का निबटारा किया है. ग्राम कचहरी के सरपंच और पंच के […]

किराये के मकानों में चल रहीं 3300 ग्राम कचहरियां
पटना : राज्य की 3300 से अधिक ग्राम कचहरियां किराये के मकान में चल रही हैं. सस्ता और सुलभ न्याय दिलाने के लिए बनी ग्राम कचहरियों ने दो साल में दो लाख से अधिक मुकदमों का निबटारा किया है.
ग्राम कचहरी के सरपंच और पंच के निर्वाचन के बाद पंचायती राज विभाग ने उनके कोर्ट रूम की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है. किराये के मकान में कचहरियों के संचालन कराने का लाभ यह है कि किसी भी पक्ष को वहां पर जाने में आपत्ति की शिकायत नहीं मिलती है. निजी व्यक्ति के आवास पर कचहरी बैठने से फैसला प्रभावित होने की आशंका रहती है.
40 प्रकार के विवादों के निबटारे की शक्ति : ग्राम कचहरियों को 40 प्रकार के विवादों के निबटारे की शक्ति दी गयी है. इसमें सरपंच व पंचों की न्यायपीठ द्वारा सुनवाई की जाती है और निर्णय दिये जाते हैं.
राज्य की कुल 8386 ग्राम कचहरियों की पीठों द्वारा दो साल में कुल दो लाख से अधिक फौजदारी और दीवानी मुकदमों का निबटारा किया गया है. पंच, सरपंच और न्यायमित्रों के सहयोग से स्थानीय न्याय प्रशासन द्वारा विवादों का निबटारे हो रहा है.
18074 मामले लंबित हैं
पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव अमृतलाल मीणा ने बताया कि ग्राम कचहरियों को विभिन्न धाराओं में न्याय देने का अधिकार दिया गया है. उन्होंने बताया कि 2016 से दिसंबर 2018 तक राज्य की 6922 ग्राम कचहरियों के पास दो लाख 23 हजार 839 दीवानी और फौजदारी मुकदमे दायर किये गये. इसमें दीवानी के एक लाख 20 हजार 782 मामले, जबकि एक लाख दो हजार 825 फौजदारी मुकदमे दायर किये गये थे. ग्राम कचहरियों
द्वारा इस दौरान दो लाख पांच हजार 765 मामलों का निबटारा कर दिया गया है. महज 18074 मामले लंबित हैं. कुछ मामलों में कचहरियों को छह माह की सजा सुनाने का अधिकार है, तो कुछ मामले में उसे आर्थिक दंड लगाने का अधिकार दिया गया है. कुछ ऐसे भी मामले हैं, जिसमें दोनों प्रकार के दंड ग्राम कचहरी की पीठ दे सकती है.

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