कोयला निकालने पर छह को होगा निर्णय

पटना : राज्य के मंदार पर्वत इलाके में कोयला खनन के लिए सेंट्रल माइंस एंड प्लानिंग डिजाइन इंस्टीट्यूट (सीएमपीडीआइ) और खान एवं भूतत्व विभाग के पदाधिकारियों के बीच छह सितंबर को महत्वपूर्ण बैठक होगी. इसमें कोयला खनन की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जा सकता है. साथ ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी. खनन […]

पटना : राज्य के मंदार पर्वत इलाके में कोयला खनन के लिए सेंट्रल माइंस एंड प्लानिंग डिजाइन इंस्टीट्यूट (सीएमपीडीआइ) और खान एवं भूतत्व विभाग के पदाधिकारियों के बीच छह सितंबर को महत्वपूर्ण बैठक होगी. इसमें कोयला खनन की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जा सकता है. साथ ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी.

खनन शुरू होने पर बिहार की पहचान कोयला खनन के क्षेत्र में बनेगी. साथ ही इस क्षेत्र के सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा. विभाग के सूत्रों का कहना है कि मंदार पर्वत इलाके में मौजूद कोयले का ग्रेड जी-12 है. इसे निकालने की जिम्मेदारी कोल इंडिया की बीसीसीएल को दी गयी है.
यह कंपनी ही बाद में सरकार को राजस्व का भुगतान करेगी. मंदार पर्वत इलाके में जमीन के नीचे करीब 80 से 100 मीटर की गहरायी में कोयले की मौजूदगी है. सूत्रों का कहना है कि इस क्षेत्र से कोयला निकालने में मूल समस्या करीब 80 से 100 मीटर तक खनन में निकलने वाली मिट्टी को खपाने की है. वहीं दूसरी बड़ी समस्या भूमि अधिग्रहण भी है. दरअसल यहां से निकलने वाले कोयले का ग्रेड जी-12 है जो कि निम्नस्तरीय माना जाता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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