राज्य में 28 जिले ऐसे जिन्होंने औसत 17% से कम बांटे लोन
पटना : राज्य में मौजूद सभी बैंक कई कारणों से लोगों को कर्ज देने में काफी कोताही बरतते हैं. परंतु पांच जिलों में मौजूद सभी बैंकों की शाखाएं पिछले तीन साल से लोन बांटने में फिसड्डी साबित हो रही हैं. इसमें जहानाबाद, अरवल, गोपालगंज, शिवहर और बांका शामिल हैं. इन जिले ने अपनी वार्षिक साख योजना (एसीपी) के अंतर्गत लोन बांटने के लिए दिये गये सालाना लक्ष्य में 11 फीसदी भी उपलब्धि हासिल नहीं की है.
चालू वित्तीय वर्ष में एसीपी के तहत सभी जिलों को एक लाख 45 हजार करोड़ लोन बांटने का लक्ष्य दिया गया है. इसमें अब तक का राज्य का औसत 17.42 प्रतिशत रहा है. हालांकि इस औसत से 28 जिले पीछे चल रहे हैं. परंतु इन पांच जिलों का प्रदर्शन इनमें भी सबसे खराब रहा है.
बीते वित्तीय वर्ष के दौरान सभी जिलों को एसीपी के तहत एक लाख करोड़ का लक्ष्य दिया गया था. उस समय भी इन जिलों की उपलब्धि 25 फीसदी से कम रही थी. इसमें सबसे खराब प्रदर्शन जहानाबाद का 8.66 प्रतिशत है. इसी तरह अरवल का 9.26 प्रतिशत, गोपालगंज 9.75, शिवहर 10.44 और बांका का 10.78 प्रतिशत है. इस लोन में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, मुर्गी पालन से लेकर मध्यम-लघु-सूक्ष्म उद्योग, शिक्षा समेत अन्य सभी तरह के लोन शामिल हैं, जिन्हें बांटने में जिलों की रुचि नहीं है.
हाल में हुई एसएलबीसी की बैठक में वित्त मंत्री सुशील मोदी ने फीसड्डी साबित हो रहे इन जिलों के लीड बैंकों को संबंधित जिलों बैठक करके इसका सही कारण जानने के लिए कहा है. ताकि, इसके आधार पर सुधार से संबंधित उचित कार्रवाई की जा सके. इसके अलावा जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक नियमित करने और सभी बैंकों को लोन देने में तेजी लाने के लिए प्रेरित करने को कहा गया है.
इन बैंकों की शाखाओं का प्रदर्शन काफी खराब
राज्य में एसीपी समेत अन्य मानकों पर बैंकों की शाखाओं के प्रदर्शन का आकलन करते हुए इनकी रिपोर्ट तैयार की गयी है. सबसे खराब प्रदर्शन कॉरपोरेशन बैंक की शाखाओं का रहा है. राज्य में इसकी 21 शाखाएं हैं, जिसमें 48 फीसदी का प्रदर्शन बेहद खराब है.
इसके बाद ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स का 17.31 प्रतिशत, इंडियन बैंक की 12.12 प्रतिशत, यूनाइटेड बैंक का 7.76 प्रतिशत शाखाओं का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया. अन्य बैंकों में खराब प्रदर्शन वाली शाखाओं का प्रतिशत चार प्रतिशत से कम है. इसके लिए बैंकर्स कमेटी को सभी बैंकों को लोन देने में तेजी लाने के लिए प्रेरित करने को कहा गया है. ताकि, लोगों को सहूलियत हो.
