पटना : सड़क दुर्घटना के लिए कुख्यात हो चुके पटना, समस्तीपुर, भागलपुर और बेगूसराय जिलों में सात ब्लैक स्पॉटों को एक महीने में खत्म कर दिया जायेगा. पथ निर्माण विभाग ने संबंधित अधिकारियों को इस आशय का निर्देश दिया है. ये सभी ब्लैक स्पॉट 2018 में चिह्नित किये गये थे. ये ब्लैक स्पॉट एक मीटर से 600 मीटर तक हैं. पथ निर्माण विभाग के केंद्रीय निरूपण संगठन के चीफ इंजीनियर ने सभी संबंधित अधिकारियों को इसको लेकर पत्र लिखा है.
इसके मुताबिक पटना के दीघा स्थित एलसीटी घाट और खेमनीचक न्यू बाइपास (एनएच-30) के पास ब्लैक स्पॉट हैं. दोनों सड़कों पर वाहनों की अधिकता रहती है. साथ ही लोग तेज गति से गाड़ी चलाते हैं. इस कारण दोनों जगहों पर 2018 में 23 दुर्घटनाएं हुईं. इसमें 19 लोगों की मौत हो गयी. वहीं, समस्तीपुर जिले के उजियारपुर स्थित सातनपुर चौक (एनएच-28) और मुसरीघरारी में चोसिमा, रूपौली (एनएच-28) में ब्लैक स्पॉट हैं. दोनों जगह 23 दुर्घटनाएं हुईं. इसमें 29 लोगों की जान जा चुकी है. भागलपुर जिले के नवगछिया जीरो माइल (एनएच-31) और परबत्ता स्थित बिक्रमशिला सेतु (एनएच-31) पर 30 दुर्घटनाओं में 18 लोगों की जान जा चुकी है. बेगूसराय जिले के बिहट रेलवे स्टेशन गुमटी (एनएच-31) के पास 11 दुर्घटनाओं में चार लोगों की जान जा चुकी है.
