मान्यता बचाने को तीन प्रमुख यूनियनों में कांटे की लड़ाई

पटना : इस बार 28 और 29 अगस्त को चुनाव होंगे. तिथि की घोषणा होते ही कोई यूनियन पटना जंक्शन परिसर में कर्मचारियों के स्वास्थ्य जांच व मेडिकल कार्ड बनाने के लिए कैंप लगवा रहा है, तो कोई कर्मचारियों के सरकारी कॉलोनी में पहुंच वहां सफाई अभियान चला रहा है. तीनों यूनियन कर्मियों को खुश […]

पटना : इस बार 28 और 29 अगस्त को चुनाव होंगे. तिथि की घोषणा होते ही कोई यूनियन पटना जंक्शन परिसर में कर्मचारियों के स्वास्थ्य जांच व मेडिकल कार्ड बनाने के लिए कैंप लगवा रहा है, तो कोई कर्मचारियों के सरकारी कॉलोनी में पहुंच वहां सफाई अभियान चला रहा है. तीनों यूनियन कर्मियों को खुश कर विश्वास जीतने में लगे हुए हैं.

पूर्व मध्य रेलवे दानापुर, मुगलसराय, समस्तीपुर, सोनपुर व धनबाद मंडल के में करीब 75 हजार से अधिक रेलकर्मी कार्यरत हैं. यहां इन रेलकर्मियों के वोट से यूनियनों की मान्यता बचेगी. पूमरे के पांचों मंडलों को मिला कर अगर 30% से कम मत किसी यूनियन को मिलता है, तो उसकी मान्यता रद्द हो जायेगी. यह चुनाव पांच वर्षों के लिए होता है.
क्या कहते हैं यूनियन के नेता
काम के आधार पर ही वोट मांग रहे हैं. कर्मचारियों के हित में लगातार बेहतर कार्य का नतीजा है कि इस बार भी हम चुनाव जीतेंगे. हम लोग केंद्र सरकार के निजीकरण को बढ़ावा देने के फैसले का पूर्ण विरोध कर रहे हैं. पुरानी पेंशन व आश्रितों को नौकरी मिले, इसकी लगातार मांग की जा रही है.
एसएनपी श्रीवास्तव, महामंत्री इसीआरकेयू
वर्तमान में मौजूदा मान्यता प्राप्त व फेडरेशनों द्वारा कर्मियों का शोषण किया जा रहा है. उनके द्वारा अब तक ट्रक मेंटेनरों के लिए कोई भी कार्य नहीं किया है. उनकी सारी मांगों की अनदेखी की गयी है.
बीके सिंह, महामंत्री, इसी रेलवे मजदूर यूनियन
पिछली बार हमने ही टक्कर दी थी और कुछ ही मतों से हमारी हार हुई थी. वहीं, मान्यता प्राप्त यूनियन के कार्यकाल से सारे कर्मचारी कितने खुश हैं, यह तो रिजल्ट आने पर ही पता चलेगा.
रामचंद्र सिंह, महामंत्री पूर्व मध्य रेलवे मजदूर कांग्रेस

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