पटना : दुनिया में ऐसा कोई नहीं जो असफलता से न घबराता हो. मशहूर फिल्म अभिनेता आशीष विद्यार्थी ने ये बातें भारतीय जन नाट्य संघ पटना के कार्यालय में रंगमंच के युवा अभिनेताओं से बात करते हुए कहीं. कार्यक्रम रु-ब-रु में पहुंचे आशीष का स्वागत बिहार रंगमंच और इप्टा के वरिष्ठ अभिनेता जावेद अख्तर खान ने किया.
ऐसा कोई नहीं जो असफलता से न घबराता हो : आशीष
पटना : दुनिया में ऐसा कोई नहीं जो असफलता से न घबराता हो. मशहूर फिल्म अभिनेता आशीष विद्यार्थी ने ये बातें भारतीय जन नाट्य संघ पटना के कार्यालय में रंगमंच के युवा अभिनेताओं से बात करते हुए कहीं. कार्यक्रम रु-ब-रु में पहुंचे आशीष का स्वागत बिहार रंगमंच और इप्टा के वरिष्ठ अभिनेता जावेद अख्तर खान […]

आशीष से सवाल किया गया कि एक अभिनेता के लिए सबसे जरूरी क्या है? अभिनेता में सबसे पहले समझ होना जरूरी है, एक अभिनेता के लिए जरूरी है कि सबसे पहले अपने आप को समझे, मैं ऐसा क्यों करता हूं , अपने निगेटिव पॉजिटिव को समझना अपने अंदर के बदलाव, जो अपनी स्थिति को समझ रहा है, इस कला को समझ रहा है, अपनी आबोहवा को समझ रहा है. आपने जो गुण समझ की बात की है वह सभी इंसान के लिए आवश्यक है.
जो एक्टर होता है वह सर्वगुण संपन्न हो जरूरी नहीं है, एक्टर को अलग-अलग चरित्र के आयामों को समझना पड़ता है, किसी और की सोच समझ पाने की क्षमता एक्टर रखता है एक्टिंग एक समझ है , एक्टिंग और एक्टर बन्ना कोई मेथड नहीं है रास्ता हमें तलाशना है कि किस तरह हम कहानी लोगों तक पहुंचा सके. आशीष ने कहा कि मैं 18 साल से 11 भाषाओं में काम करता हूं जिसमें से तीन भाषा ही जानता हूं एक्टर के लिए भाषा उच्चारण जरूरी है, पर मुझे नहीं आता मुझे तरीके ढूंढने है कि मैं कैसे करूं हम लोग दुनिया को ब्लेम करते हैं. कहा कि इप्टा के 75 साल पर आयोजित कार्यक्रम राष्ट्रीय इप्टा प्लेटिनम जुबली समारोह में शिरकत न करने का मलाल रहा.
प्रतीक चिह्न, शॉल आदि किये भेंट
पूरे कार्यक्रम का संचालन फिरोज अशरफ खां ने किया. पटना इप्टा की उपाध्यक्ष उषा वर्मा ने इप्टा प्लेटिनम जुबली का प्रतीक चिन्ह, शॉल आदि भेंट किया. इस अवसर पर पटना रंगमंच के पीयूष सिंह, उमेश शर्मा, विनोद कुमार, रश्मि कुमारी आदि मौजूद थे.