पटना : एमबीबीएस छात्रा से छेड़खानी, चले लाठी-डंडे

किसी बाहरी युवक ने की वारदात, पीटे गये राहगीर पटना : पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गुरुवार रात आठ बजे लाइब्रेरी से पढ़कर हॉस्टल की तरफ जा रही एमबीबीएस छात्रा से छेड़खानी की गयी. छात्रा जिस जगह से गुजर रही थी. वहां हल्की रोशनी थी, इसका फायदा उठाकर किसी बाहरी युवक ने छात्रा से छेड़खानी […]

किसी बाहरी युवक ने की वारदात, पीटे गये राहगीर
पटना : पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गुरुवार रात आठ बजे लाइब्रेरी से पढ़कर हॉस्टल की तरफ जा रही एमबीबीएस छात्रा से छेड़खानी की गयी.
छात्रा जिस जगह से गुजर रही थी. वहां हल्की रोशनी थी, इसका फायदा उठाकर किसी बाहरी युवक ने छात्रा से छेड़खानी कर दी. घटना के बाद दौड़कर हॉस्टल भागी और अपने साथियों व सीनियर घटना की जानकारी दी.
इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं हॉस्टल से निकल कर घटना स्थल पर पहुंच गये. पहले आरोपित युवक को खोजा गया. लेकिन, वह नहीं मिला तब आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने आने-जाने वाले लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी. स्थिति यह थी कि पीएमसीएच परिसर रणक्षेत्र बन गया, जो भी रास्ते से गुजरा उसकी पिटाई की गयी. करीब आधे घंटे तक जम कर लाठी व डंडे चले.
मारपीट के दौरान परिसर में हालत बेकाबू थे, आक्रोशित लोग पीएमसीएच के कर्मचारियों से भी उलझ गये. लाठी डंडे चलने के दौरान कुछ कर्मचारियों और एमबीबीएस छात्रों को भी चोटें आयी हैं. यह साफ नहीं हो पाया है कि छेड़खानी किसने किया था. छात्रा ने इस मामले की लिखित शिकायत थाने में नहीं की है. लेकिन पीएमसीएच परिसर का महौल काफी गर्म है. घटना के बाद से लोग उधर आने-जाने में डर रहे हैं. जिन परिजनों के मरीज भर्ती हैं उनको इस माहौल के बाद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
क्या कहते हैं प्रिंसिपल
घटना की जानकारी मिलने के बाद मैं संबंधित जगह गया और सुरक्षा कर्मियों की मदद से मामले को कुछ देर बाद ही शांत कराया. हालांकि अभी तक यह क्लियर नहीं हो पाया है कि छेड़खानी किसने छेड़खानी की है. फिलहाल सीसीटीवी कैमरे व आसपास के लोगों से पूछ कर घटना की पूरी जानकारी ली जा रही है.
डॉ विद्यापति चौधरी, पीएमसीएच प्रिंसिपल.
जूनियर डॉक्टरों ने सुरक्षा की मांग की पीएमसीएच जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ शंकर भारतीय ने कहा कि अस्पतालों में सुरक्षा नहीं होने की वजह से इस तरह की घटना सामने आ रही है.
कई बार सुरक्षा को लेकर लिखित में मांग की गयी लेकिन सिर्फ खानापूर्ति कर छोड़ दी जाती है. हालांकि घटना की जानकारी ली जा रही है इसके बाद आगे का निर्णय लिया जायेगा. ताकि अगली बार इस जूनियर डॉक्टर व एमबीबीएस छात्र व छात्राओं को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हो.

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