पटना :14 जिलों में विशेष सर्वेक्षण में जमीन का भौतिक सत्यापन

तकनीकी मार्गदर्शिका के अनुसार होगी विशेष सर्वेक्षण की समीक्षा, विभाग ने जारी किया िनर्देश पटना : राज्य में विशेष सर्वेक्षण को लेकर जमीन का भौतिक सत्यापन होगा. इसमें जमीन पर स्वामित्व व वर्तमान में दखल कब्जा की स्थिति के बारे में जानकारी ली जायेगी. अगर जमीन को लेकर कोई दावा-आपत्ति है तो सर्वे करने वाले […]

तकनीकी मार्गदर्शिका के अनुसार होगी विशेष सर्वेक्षण की समीक्षा, विभाग ने जारी किया िनर्देश
पटना : राज्य में विशेष सर्वेक्षण को लेकर जमीन का भौतिक सत्यापन होगा. इसमें जमीन पर स्वामित्व व वर्तमान में दखल कब्जा की स्थिति के बारे में जानकारी ली जायेगी. अगर जमीन को लेकर कोई दावा-आपत्ति है तो सर्वे करने वाले कर्मियों को इसकी जानकारी देनी होगी.
पहले चरण में 14 जिले बांका, नालंदा, शिवहर, शेखपुरा, अरवल, जमुई, जहानाबाद, मुंगेर, सुपौल, किशनगंज, सीतामढ़ी, लखीसराय, बेगूसराय व पश्चिम चंपारण में तकनीकी मार्गदर्शिका के आधार पर सर्वे होगा. सर्वे के दौरान जमीन संबंधित प्राप्त कागजात की समीक्षा तकनीकी मार्गदर्शिका के अनुसार होगी.
सर्वे में सरकारी, गैर सरकारी, रैयती में खतियानी, बिक्री, दानपत्र आदि से प्राप्त सभी प्रकार की जमीन का ब्योरा तैयार होगा. राजस्व विभाग ने इस संबंध में सभी डीएम को तकनीकी मार्गदर्शिका उपलब्ध कराया है. इसमें नवनियोजित कार्यबल के द्वारा तकनीकी रूप से सक्षम तरीकों का उपयोग भू-सर्वेक्षण व बंदोबस्त की कार्रवाई करने लिए कहा गया है.
280 दिनों में होगा सर्वे
विभागीय सूत्र ने बताया कि पहले चरण में जिन जिलों में सर्वे होना है. उसमें एक-एक गांव का सर्वे लगभग 280 दिनों में पूरा करना है. 60 गांवों पर एक शिविर बनाया गया है, जिसमें 20 अमीन रहेंगे. यानी औसतन तीन गांव पर एक अमीन काम करेंगे. अगर गांव बड़ा होगा तो एक से अधिक अमीन होंगे.
पहले चरण में जमीन सर्वे के लिए 275 शिविर बनाये गये हैं. विशेष सर्वेक्षण के लिए इस माह विभिन्न पदों पर नियोजन के लिए 14 से एक पखवारे तक काउंसेलिंग होगी. काउंसेलिंग में चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण देने के बाद फील्ड में भेजा जायेगा.
जमीन का देना होगा ब्योरा
सर्वे के दौरान दखल कब्जा वाली जमीन को लेकर जमीन मालिक को ब्योरा देना होगा. रैयती में खतियानी, बिक्री, दानपत्र, मुकदमा, गैर सरकारी आदि से प्राप्त जमीन से संबंधित कागजात प्रस्तुत करना होगा. अगर जमीन को लेकर किसी प्रकार की आपत्ति है या फिर किसी ने जमीन पर अतिक्रमण कर रखा है, तो इसकी जानकारी देनी है. सर्वे के दौरान सर्वेक्षण करने वाले कर्मी को किस्तवार, वंशावली, दावा-आपत्ति का आवेदन आदि लेना है.
सुरक्षित रखे जायेंगे कागजात
खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार व अररिया में चल रहे जमीन सर्वे के कार्य को स्थगित कर दिया गया है. इन जिलों में नयी व्यवस्था के तहत सर्व होगा. सर्वेक्षण के दौरान जमीन मालिक से प्राप्त संबंधित कागजात व अभिलेख को सुरक्षित रखा जायेगा, ताकि भविष्य में सर्वे का काम शुरू होने पर सहूलियत हो.

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