CM नीतीश ने की लॉ एंड ऑर्डर की समीक्षा बैठक, थानों में कानून-व्यवस्था व अनुसंधान के लिए होंगे अलग-अलग SHO

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक अणे मार्ग स्थित ‘नेक संवाद’ में विधि व्यवस्था से संबंधित समीक्षा बैठक की. बैठक में पिछली समीक्षा बैठक के अनुपालन प्रतिवदेन को प्रस्तुत किया गया. इसमें अपराध नियंत्रण के लिए की गयी पहल एवं सभी थानों में दो वाहन के आवंटन के बारे में जानकारी दी गयी. पुलिस […]

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक अणे मार्ग स्थित ‘नेक संवाद’ में विधि व्यवस्था से संबंधित समीक्षा बैठक की. बैठक में पिछली समीक्षा बैठक के अनुपालन प्रतिवदेन को प्रस्तुत किया गया. इसमें अपराध नियंत्रण के लिए की गयी पहल एवं सभी थानों में दो वाहन के आवंटन के बारे में जानकारी दी गयी. पुलिस गश्ती, भूमिहीन एवं भवनहीन थानों के निर्माण की दिशा में की जानेवाली पहल, थाना स्तर पर विधि व्यवस्था एवं अनुसंधान को अलग करने की पहल, थाना प्रबंधकों की नियुक्ति, अनुमंडल कार्यालयों में एक अतिरिक्त अपर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी की नियुक्ति के संबंध में जानकारी दी गयी.

बैठक में बताया गया कि थानों में कानून व्यवस्था एवं अनुसंधान दोनों को अलग-अलग कर एक-एक एएसएचओ को जिम्मेवारी देकर उन्हें थाना प्रभारी के अधीन काम करने से अनुसंधान कार्य तेजी आयेगी और विधि व्यवस्था बनाए रखने में सुविधा होगी. इस संबंध में विस्तृत चर्चा की गयी. दस वर्षों का तुलनात्मक अपराध आंकड़ा, वर्ष 2018 के दौरान थानावार अपराध विश्लेषण की भी जानकारी दी गयी. प्रभावकारी अपराध नियंत्रण एवं अनुसंधान हेतु की जा रही कार्रवाई एवं सुझाव पर समीक्षा की गयी.

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि व्यवस्था को इस तरह विकसित करने की जरूरत है कि गड़बड़ एवं अपराध करनेवाले पकड़ में आ सकें. पुलिस बेहतर कार्य कर रही है. आसूचना को और बेहतर बनाकर सिस्टम को प्रभावी बनाया जा सकता है. हमारी रुचि सिस्टम को आईडियल बनाने की है, ताकि सिस्टम इफेक्टिव ढंग से काम कर सके. क्राइम कंट्रोल हुआ है, इसके प्रति हमेशा सजग रहने की जरूरत है. एसटीएफ की बेहतर ट्रेनिंग होती रहे. बाइकर्स गैंग के पीछे के तत्वों को भी पहचान करने की जरूरत है.

सीसीटीवी को समय पर लगाये जाने के लक्ष्य पर काम करें मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी जगहों में पुलिस गश्ती जारी रहनी चाहिए. गश्ती वाहन में जीपीएस लगाये जाएं, डीजीपी अपनी निगरानी में वरीय पुलिस पदाधिकारियों के साथ इस पर नजर बनाए रखें. थानों को मिलनेवाली कंटिजेंसी, रिवालविगं फंड के माध्यम से न्यनूतम बना रहना चाहिए. भूमिहीन थानों को जमीन उपलब्ध करायी जाये. थानों में जहां भी महिला शौचालय का निर्माण अभी नहीं हुआ है, उसे पूर्ण कराएं. अनुसंधान कार्य एवं विधि व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए थाने में दोनों को अलग-अलग कर एएसएचओ को जिम्मेवारी देने पर जो चर्चा हुई है, उसको बेहतर ढंग से क्रियान्वित करने की जरूरत है. पुलिस मैनुअल को भी नये सिरे से बनाया जाये.

बैठक के बाद सूचना भवन में अपर मुख्य सचिव गृह एवं पुलिस महानिदेशक ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर बैठक में लिए गए निर्णयों के बारे में जानकारी दी. बैठक में मुख्य सचिव दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव गृह आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, बिहार पुलिस भवन निर्माण विभाग के प्रबंध निदेशक सह डीजी सुनील कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, मुख्यमंत्री सचिवालय के विशेष सचिव चंद्रशेखर सिंह सहित राज्य पुलिस मुख्यालय के वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे.

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