पटना : लालू प्रसाद के दावे पर प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया दी है. ट्वीट कर उन्होंने लिखा कि लालू का यह दावा बकवास है. यह एक नेता के चर्चा में रहने का यह केवल घटिया प्रयास है, जिसके अच्छे दिन गुजर चुके हैं.
हां, मेरे जदयू में शामिल से होने से पहले हम कई बार मिले थे, लेकिन अगर मैं यह बता दूं कि किन बातों पर चर्चा हुई थी, तो वह (लालू प्रसाद) बुरी तरह से शर्मिंदा हो जायेंगे. प्रशांत किशोर ने तेजस्वी पर निशाना साधते हुए लिखा है कि आज भी लोगों के लिए आपकी पहचान और उपलब्धि बस इतनी है कि आप लालूजी के लड़के हैं.
इसी एक वजह से पिता की अनुपस्थिति में आप राजद के नेता हैं और नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम बनाये गये थे. पर सही मायनों में आपकी पहचान तब होगी, जब आप छोटा ही सही, पर अपने दम पर कुछ करके दिखायेंगे.
नीतीश ने कभी ऐसी इच्छा नहीं जतायी :केसी त्यागी : जदयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी ने लालू के इन दावों का सिरे से खंडन किया है.
उन्होंने कहा कि जदयू के एक बड़े पदाधिकारी की हैसियत से कह सकता हूं कि 2017 में रिश्ते बिगड़ने के बाद नीतीश ने महागठबंधन में जाने की इच्छा कभी प्रकट नहीं की.
अगर उनका ऐसा इरादा होता तो इस प्रस्ताव को पार्टी में आंतरिक चर्चा के लिए जरूर लाया जाता. जदयू का राजद से अलगाव बिल्कुल स्थायी है और नीतीश कुमार भ्रष्टाचार पर समझौता करने वाले नहीं हैं. इसलिए लालू का दावा बिल्कुल झूठा है.
किताब का दावा झूठा
बिहार के उपमुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि लालू ने बिल्कूल झूठी बात की है.
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने ट्वीट में लिखा है कि लालू किसी कल्पनालोक में विचरण कर रहे हैं. फिर भी धन्यवाद आपका. आपने यह साबित कर दिया कि अब आप और आपकी पार्टी नीतीश कुमार का नाम लिए बिना राजनीति करने लायक नहीं.
वहीं जदयू प्रवक्ता नीरज ने ट्वीट में लिखा है कि जो अपने पुत्र को पढ़ा नहीं पाया, वह अब किताब लिखने लगे..और तिकड़म देखिए चरवाहा स्कूल खोले वाले जेल में और चुनाव में नया शिगूफा..किताब में सरकारी रुपये की लूट ‘चारा घोटाला’ और संपत्ति सृजन के उपाय भी लिखा हुआ होगा?
