पटना : पीएनजी से 100 घरों में ही जल पाया चूल्हा

सुबोध कुमार नंदन मार्च तक 5000 घरों का था लक्ष्य पटना : मार्च 2019 तक राजधानी के पांच हजार घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) से चूल्हा जलना था, लेकिन अब तक केवल सौ घरों में पीएनजी से चूल्हा जल सका है. इसके कारण जिन उपभोक्ताओं ने पीएनजी लेने के लिए आवेदन किया था. वे […]

सुबोध कुमार नंदन
मार्च तक 5000 घरों का था लक्ष्य
पटना : मार्च 2019 तक राजधानी के पांच हजार घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) से चूल्हा जलना था, लेकिन अब तक केवल सौ घरों में पीएनजी से चूल्हा जल सका है. इसके कारण जिन उपभोक्ताओं ने पीएनजी लेने के लिए आवेदन किया था.
वे काफी निराश हैं. उनका कहना है कि काम की जो रफ्तार है, उसे देखते हुए लग रहा है कि इस साल तो चूल्हा नहीं जल सकेगा. ज्ञात हो कि इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन 17 जनवरी को किया गया था. उस समय गेल अथॉरिटी आॅफ इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों ने दावा किया था कि लगभग पांच हजार पीएनजी घरों के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा चुका है.
लेकिन मार्च बीत जाने के बाद भी सौ घरों में ही पीएनजी पहुंच पाया है. बीआइटी मेसरा, हवाई अड्डे के पास पटना कैंपस में दो छात्रावासों के लिए पीएनजी की आपूर्ति शुरू की गयी थी.
कई इलाकों में पाइप ही नहीं पहुंची : गेल से मिली जानकारी के अनुसार कंपनी जगदेवपथ इलाके में 1500, भवन निर्माण कालोनी में 1000 और विद्युत बोर्ड के 800 घरों में पीएनजी के लिए आवेदन पत्र पांच माह पहले कर चुकी है.
इसके लिए प्रति कनेक्शन 350 रुपये की रसीद ग्राहकों को दी गयी है. पहले की तुलना में पाइप बिछाने और घरों तक पाइप पहुंचाने का काम ठप-सा हो गया है. गेल कंपनी ने मुद्रिका, वामिका विहार, आरा गार्डन, आशू इनक्लेव, संत प्रश्रय गार्डन, लव-कुश, वीणा विहार, शांति इनक्लेव, पुलूटस ओसिस अपार्टमेंट, नंदन होम्स अपार्टमेंट, न्यूटन गार्डन अादि में पाइप लाइन पहुंचाने का दावा किया था, लेकिन इनमें से केवल न्यूटन गार्डन, वामिका विहार, लव-कुश और मुद्रका में कनेक्शन का काम पूरा हुआ है. लेकिन मीटर लगने का काम बाकी है.
वहीं कंपनी दावा कर रही है कि कनेक्शन का काम पूरा हो चुका है.गेल इंडिया (पूर्वी क्षेत्र) के कार्यकारी निदेशक केबी सिंह ने बताया कि पाइपलाइन जोड़ने का काम पूरा हो चुका है, लेकिन घरों में कनेक्शन जोड़ने व मीटर लगाने का काम रुका है. इसका मुख्य कारण यह है कि आवेदन करनेवाले शेष रकम यानी छह हजार रुपये देने के तैयार नहीं है. वे बार-बार बहाना बता कर टाल रहे हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >