निशांत होंगे CM! नीतीश की चुप्‍पी का क्या संदेश, सत्ता बदलने की आहट में अंदर-अंदर हो रहा खेल?

Nishant Kumar Next CM Bihar : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने ‘निशांत कुमार CM’ के नारे लगे. JDU कार्यकर्ताओं की यह मांग क्या बिहार की राजनीति में ला सकती है बड़ा बदलाव; जानें पूरा मामला क्‍या है? और कैसे सजाई जा रही है बिहार में सीएम की कुर्सी की बिसात?

Nishant Kumar : बिहार की सियासत में एक नया नाम तेजी से उभरता दिख रहा है. वह नाम है निशांत कुमार. अब ये सिर्फ चर्चा नहीं, बल्कि अब ये खुले मंच पर है. मांग उठ रही है कि निशांत कुमार को बिहार का मुख्‍यमंत्री बनाया जाए. सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब विधान परिषद के अतिथि निवास का उद्घाटन करने पहुंचे, तो वहां का माहौल अचानक सियासी संदेश में बदल गया. उनके सामने ही ‘निशांत कुमार जिंदाबाद’ और ‘बिहार के सीएम निशांत कुमार जिंदाबाद’ के नारे गूंजने लगे.

सत्ता के गलियारों में नया संकेत

सबसे दिलचस्प बात यह रही कि इन नारों को न तो रोका गया और न ही किसी तरह की नाराजगी दिखाई दी. खुद नीतीश कुमार शांत रहे, हाथ जोड़कर अभिवादन किया और आगे बढ़ गए. दरअसल, नीतीश कुमार के सामने ही ‘निशांत कुमार जिंदाबाद’ और ‘बिहार के सीएम निशांत कुमार जिंदाबाद’ के नारे गूंजने लगे. इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिल्कुल शांत नजर आए. उन्होंने लोगों को हाथ जोड़कर अभिवादन किया और आगे बढ़ते रहे.

गर्म हो सकती है राजनीति

जानकारों की मानें तो यह नारेबाजी भी बिहार की आगे की राजनीति को गर्म करने के लिए काफी है. दरअसल, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जाने वाले हैं. 10 अप्रैल को वह राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे. उसके बाद वह बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे. नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार के सीएम की कुर्सी पर बीजेपी का मुख्यमंत्री बैठेगा, ऐसा फिलहाल तय माना जा रहा है. असल में, यह नारे इसी वजह से लगाए जा रहे हैं. जेडीयू के कार्यकर्ताओं की मांग है कि बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार बैठें. ऐसे में बीजेपी और जेडीयू के कार्यकर्ताओं की यह चाह अब बिहार की राजनीति का नया अखाड़ा बनने वाली है.

CM कुर्सी अब भी दूर!

बिहार में बीजेपी कार्यकर्ता और शीर्ष नेतृत्व लगभग 10 वर्षों से सीएम की कुर्सी पर अपना मुख्यमंत्री बनाने की कोशिश में हैं. इसी सपने को पूरा करने के लिए बिहार में नीतीश कुमार के सबसे करीबी कहे जाने वाले बीजेपी के डिप्टी सीएम स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी को डिप्टी सीएम को रिप्‍लेस कर दिया गया. सीएम की कुर्सी की राह तैयार करने के लिए रेणु देवी और तारकिशोर प्रसाद को डिप्‍टी सीएम बनाया गया. रेणु देवी और तारकिशोर प्रसाद को भी बदलकर सीएम नीतीश को चुनौती दे सकने वाले चेहरों को आगे किया गया. विजय सिन्‍हा और सम्राट चौधरी को डिप्‍टी सीएम बनाया गया। बावजूद बीजेपी अपने इस प्रयास में सीधे-सीधे अब तक सफल नहीं हो सकी है।

डिप्टी CM बदलते रहे

बिहार में सीएम की कुर्सी की राह बनाने के लिए नीतीश कुमार के साथ रेणु देवी और तारकिशोर प्रसाद को डिप्टी सीएम बनाया गया. इसी कड़ी में रेणु देवी और तारकिशोर प्रसाद को हटाकर, सीएम नीतीश को चुनौती दे सकने वाले विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी को डिप्टी सीएम बनाया गया. बावजूद इसके, बीजेपी अपने इस प्रयास में सीधे-सीधे अब तक सफल नहीं हो सकी है.

अब ट्रांजिशन मोड में बिहार

मगर अब नीतीश कुमार 75 साल के हो गए हैं. ऐसे में अब वह राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं. लेकिन इस बीच बिहार एक ट्रांजिशन मोड में है. अब देखने वाली बात यह होगी कि यह बदलाव का दौर बिहार की राजनीति पर क्या असर डालता है. राजनीतिक जानकार रमाकांत चंदन का मानना है कि यदि मुख्यमंत्री की गद्दी पर निशांत को काबिज करने की मांग तेज हुई, तो यह बीजेपी और जेडीयू के रिश्तों पर असर डाल सकता है.

गेमचेंजर बनेगा नारा या बिगाड़ेगा गणित?

अब देखने वाली बात यह होगी कि ‘बिहार के सीएम निशांत कुमार जिंदाबाद’ का जो नारा नीतीश कुमार के सामने लगाया गया, वो गेमचेंजर साबित होता है या NDA का गणित बिगाड़ देता है. जेडीयू कार्यकर्ताओं ने आज खुलकर अपनी उस मांग को नीतीश कुमार के सामने जाहिर कर दी, इसके लिए अभी दो दिन पहले ही पार्टी कार्यालय में पोस्टर लगाए गए थे. इन पोस्टरों में निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग रखी गई थी. यह भी कहा गया कि बिहार के विकास को लेकर जो संकल्प है, उसे निशांत कुमार पूरा करने के लिए तैयार हैं. ऐसे में अब देखने वाली बात यह होगी कि बीजेपी और जेडीयू के कार्यकर्ताओं की यह मांग बिहार की राजनीति को किस करवट ले जाती है.

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लेखक के बारे में

By Keshav Suman Singh

बिहार-झारखंड और दिल्ली के जाने-पहचाने पत्रकारों में से एक हैं। तीनों विधाओं (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और वेब) में शानदार काम का करीब डेढ़ दशक से ज्‍यादा का अनुभव है। वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में बतौर डिजिटल हेड बिहार की भूमिका निभा रहे हैं। इससे पहले केशव नवभारतटाइम्‍स.कॉम बतौर असिसटेंट न्‍यूज एडिटर (बिहार/झारखंड), रिपब्लिक टीवी में बिहार-झारखंड बतौर हिंदी ब्यूरो पटना रहे। केशव पॉलिटिकल के अलावा बाढ़, दंगे, लाठीचार्ज और कठिन परिस्थितियों में शानदार टीवी प्रेजेंस के लिए जाने जाते हैं। जनसत्ता और दैनिक जागरण दिल्ली में कई पेज के इंचार्ज की भूमिका निभाई। झारखंड में आदिवासी और पर्यावरण रिपोर्टिंग से पहचान बनाई। केशव ने करियर की शुरुआत NDTV पटना से की थी।

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