पटना : पटना के एडीजे-6 अवधेश कुमार की अदालत द्वारा हेरोइन की तस्करी करने के मामले में गिरफ्तार पांच अभियुक्तों को एनडीपीएस 22 (सी) में दोषी पाते हुए 10-10 वर्षों का सश्रम कारावास व एक-एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी.
अदालत ने अपने फैसले में यह भी कहा कि जुर्माना की राशि अदा न करने पर सभी अभियुक्तों को एक-एक साल का अतिरिक्त साधारण कारावास अलग से भुगतना पड़ेगा. उक्त मामला रूपसपुर थाने से संबंधित है. जिसमें तत्कालीन थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार ने 27 जुलाई 2014 को गुप्ता सूचना मिलने पर रेलवे ओवरब्रिज के पास कुछ संदिग्ध अभियुक्ताें को जांच किया तो उनके पास से कुल 1450 ग्राम हेरोइन बरामद हुआ. इसके अलावा पिस्टल व जिंदा कारतूस मिला.
अभियुक्तों के पास से कार्यपालक दंडाधिकारी नीरा वर्मा के समक्ष तलाशी के क्रम में अभियुक्त संजय निवासी जगदीशपुर आरा के पास से आधा किलो हेरोइन, पिस्टल व गोली, बबलू प्रसाद शाह निवासी नई सड़क खाजेकला के पास से 645 ग्राम हेरोइन व पिस्टल, अभियुक्त अजीत कुमार निवासी पोलसन दीघा के पास से 10 ग्राम हेरोइन, पिस्टल व तीन कारतूस, अभियुक्त अजय कुमार सिंह निवासी चांदमारी रोड कंकड़बाग के पास से 100 ग्राम हेरोइन व अभियुक्त कपिलदेव राय निवासी हाजीपुर वैशाली के पास से 200 ग्राम हेरोइन कुल लगभग 1450 ग्राम हेरोइन बरामद किया गया.
गौरतलब हो कि 27 जुलाई 2014 से ही सभी अभियुक्त जेल में बंद हैं तथा अवैध हथियार रखने के मामले में पटना डीएम द्वारा अभियोग चलाने की स्वीकृति न देने के कारण अदालत ने उक्त मामले पर विचार न करते हुए केवल एनडीपीएस एक्ट की धारा में उपरोक्त सजा दी.
