पटना : असंगठित मजदूरों की पेंशन योजना में अब तक राज्य के 33 हजार लोगों ने अपना निबंधन कराया है. दशरथ मांझी शोध संस्थान में मंगलवार को प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना का औपचारिक उद्घाटन उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी व श्रम संसाधन मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किया.
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार असंगठित मजदूरों व गरीबों के लिए कई योजनाएं एक साथ चला रही हैं. अगर इन सभी योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंच जाये, तो उन्हें बुढ़ापा से लेकर बीमारी तक की परेशानी खत्म हो जायेगी.
उन्होंने कहा कि असंगठित मजदूरों के लिए पेंशन योजना का निबंधन 15 फरवरी से सामान्य सेवा केंद्र (वसुधा केंद्र) में शुरू हो गया है. योजना शुरू होने के 18 दिनों के भीतर 33 हजार असंगठित मजदूरों ने निबंधन करा लिया है. योजना से लगभग चार करोड़ असंगठित मजदूरों को लाभ होगा. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के वैसे सभी मजदूरों को भी योजना के प्रति प्रोत्साहित किया जायेगा, जो स्ट्रीट वेंडर हैं. इसके लिए नगर विकास विभाग वैसे एरिया को चिह्नित करेगा. उन्होंने सरकार की उन सभी योजनाओं की भी जानकारी दी, जो केंद्र व राज्य सरकार के माध्यम से पहले से चल रही है.
वहीं, वार्षिक चिकित्सा सहायता योजना के तहत 76 हजार मजदूरों के एकाउंट में 23 करोड़ की राशि डाली गयी. कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने इसके 10 लाभुकों को तीन-तीन हजार का चेक भी सौंपा. कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री रामकृपाल यादव, श्रम विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह आदि मौजूद थे.
किसे मिलेगा लाभ
योजना के तहत निबंधित होने के बाद मजदूरों की अगर हर माह की आमदनी 15 हजार हो जायेगी, तो उस मजदूर को योजना से बाहर होना होगा. लेकिन, उस वक्त तक बैंक में मजदूर की जमा राशि को बैंक इंटरेस्ट के साथ जोड़कर देगी. मजदूर की मौत 60 वर्ष के पहले हो जायेगी, तो मजदूर के परिवार को पैसा देगी.
मजदूर की मौत 60 साल के बाद होगी, तो उसे तीन हजार प्रति माह के हिसाब से पेंशन के रूप में दी जायेगी और बाद में अगर मजदूर की मौत होती है, तो परिवार को हर माह तीन हजार पेंशन दी जायेगी.
योजना में कौन होंगे निबंधित
योजना के तहत असंगठित क्षेत्र के 18 साल से 40 साल के मजदूर निबंधित होंगे. योजना के तहत 18 वर्ष के मजदूर को 55 रुपये, 29 वर्ष के मजदूरों को 100 रुपये एवं 40 वर्ष के मजदूर को 200 रुपये महीना जमा कराना होगा. वहीं, केंद्र सरकार भी योजना के तहत जितनी राशि मजदूर जमा करेंगे, उतनी ही राशि मजदूरों के खाते में जमा करायेगी.
