पटना : पार्षदों के मासिक भत्ते को बढ़ाने के निर्णय को विभाग ने किया रद्द

पटना : 16 जनवरी को मेयर सीता साहू की अध्यक्षता में आयोजित स्थायी समिति की बैठक में मेयर, डिप्टी मेयर व पार्षदों के मासिक भत्ते को बढ़ाने से संबंधित प्रस्ताव पारित किया गया. पारित प्रस्ताव के अनुसार मेयर को 50 हजार, डिप्टी मेयर को 40 हजार व स्थायी समिति सदस्यों को 35 हजार व पार्षदों […]

पटना : 16 जनवरी को मेयर सीता साहू की अध्यक्षता में आयोजित स्थायी समिति की बैठक में मेयर, डिप्टी मेयर व पार्षदों के मासिक भत्ते को बढ़ाने से संबंधित प्रस्ताव पारित किया गया. पारित प्रस्ताव के अनुसार मेयर को 50 हजार, डिप्टी मेयर को 40 हजार व स्थायी समिति सदस्यों को 35 हजार व पार्षदों को 30 हजार रुपये मासिक भत्ता तय किया गया.
इस प्रस्ताव को नगर आवास विकास विभाग भेजा गया और कहा गया कि सरकार तय भत्ता नहीं दे सकती है, तो निगम अपने आंतरिक राजस्व से खर्च करे. लेकिन, नगर आवास विभाग के प्रधान सचिव ने स्थायी समिति के निर्णय को रद्द करते हुए नगर आयुक्त को पत्र भेजा है कि जनप्रतिनिधियों के भत्ते सरकार तय करती है.
आंतरिक संसाधनों से भी नहीं बढ़ा सकते हैं भत्ते : विभागीय प्रधान सचिव ने कहा कि एक नगरपालिका के निर्णय का असर राज्यव्यापी पड़ेगा. सभी नगर निकाय अपने-अपने स्तर से मासिक भत्ते का निर्धारण करने लगे, तो वित्तीय अराजकता की स्थिति बन जायेगी. निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के मासिक भत्ते सरकार के स्तर से तय किये जाते हैं.
वहीं, राज्य सरकार की अनुमति के बिना शहरी निकाय अपने संसाधनों से भी मासिक भत्ता नहीं बढ़ा सकता है. निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के मासिक भत्ते में एकरूपता रहे, इसको लेकर मासिक भत्ता बढ़ोतरी का प्रस्ताव सरकार के स्तर पर लंबित है. इस स्थिति में स्थायी समिति के निर्णय को रद्द किया गया है.

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