पटना : पाटलिपुत्रा पुलिस ने लुटेरों की कार को ट्रेस कर लिया है. पुलिस ने कार और उसके मालिक का डिटेल भी निकाल लिया है. सूत्रों कि मानें तो पुलिस मामले के खुलासे की तरफ बढ़ रही है, अपराधी भी चिह्नित हो गये हैं लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. पु़लिस को जिन लोगों पर शक है, वह फरार चल रहे हैं. हालांकि पुलिस सीधे तौर पर यह नहीं बता रही है कि कार किसकी है, लेकिन जल्द मामले के खुलासे का दावा कर रही है. गिरफ्तारी के लिए सुराग लगाया जा रहा है, अभी भी कई लोगों से लगातार पूछताछ हो रही है.
सीसीटीवी फुटेज में दिखी थी संदिग्ध कार : न्यू पाटलिपुत्रा के लोटस अपार्टमेंट में सीए के फ्लैट में हुई लूट की वारदात के बाद पुलिस ने अपार्टमेंट से कुछ दूरी पर स्थित एक स्कूल के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला था. इस दौरान एक संदिग्ध कार को चिह्नित किया गया था.
पुलिस को शक है कि लुटेरे कार से आये थे. पुलिस कार के संबंध में जानकारी जुटाने में लगी हुई थी. जानकारी मिली है कि कार की पहचान कर ली गयी है. अगर पुलिस की तफ्तीश सही दिशा में जा रही है तो मामला जल्द खुल जायेगा.
सीए के घर काम लेकर अक्सर आते थे बाहरी लोग : लोटस अपार्टमेंट के गार्ड से पूछताछ में पुलिस का जानकारी मिली है कि सीए आशीष कुमार हलधर से अक्सर लोग अपने काम के सिलसिले में मिलने आते थे, इसलिए जब लुटेरे आये तो अपार्टमेंट के गार्ड के लिए यह नहीं बात नहीं थी.
उसने रजिस्टर मेनटेन कराया और ऊपर जाने दिया. इसके बाद लूट की घटना हो गयी. पुलिस अपार्टमेंट के रजिस्टर को पूरी तरह से खंगाल रही है. पिछले कुछ दिनों में जितने लोग आशीष के घर आये थे, सबकी जांच की जा रही है.
पटना : राजधानी पटना की लचर एवं बेलगाम होती जा रही ट्रैफिक व्यवस्था से निबटने के लिए पटना हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को दो सप्ताह का समय दिया है.
कोर्ट ने राज्य सरकार को कहा कि वह इस अवधि में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए विस्तृत एक्शन प्लान पेश करें, जिससे पटना वासियों को ट्रैफिक जाम से निजात मिल सके. हाइकोर्ट ने इस मामले में लोकहित याचिकाकर्ता द्वारा दिये गये 20 सुझावों पर भी बिंदुवार जवाब देने का निर्देश राज्य सरकार को दिया है. मुख्य न्यायाधीश अमरेश्वर प्रताप शाही और न्यायमूर्ति अंजना मिश्रा की खंडपीठ ने पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन फोरम द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया.
20 बिंदुओं पर सुझाव
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता शशिभूषण कुमार ने राजधानी पटना की ट्रैफिक व्यवस्था को दूर करने के लिए कोर्ट के सामने 20 बिंदुओं पर सुझाव पेश किया, जिससे पटना की ट्रैफिक व्यवस्था पर काबू पाया जा सके. हाइकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि याचिकाकर्ता द्वारा दिये गये सुझावों पर अमल क्यों नहीं किया जा सकता है? कोर्ट ने इन सभी सुझावों को जनहित में महत्वपूर्ण मानते हुए सरकार से सभी सुझावों पर दो सप्ताह के अंदर जवाब मांगा है.
