पटना : पूर्व मंत्री पर एक ही मामले में दर्ज दो प्राथमिकियों पर सरकार से जवाब-तलब

पटना : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में बिहार के पूर्व निबंधन व मद्य निषेध मंत्री अब्दुल जलील मस्तान के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी की वैधता के बिंदु पर सुनवाई करते हुए पटना हाइकोर्ट ने राज्य सरकार से दो सप्ताह में जवाब मांगा है. न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार सिंह की एकलपीठ […]

पटना : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में बिहार के पूर्व निबंधन व मद्य निषेध मंत्री अब्दुल जलील मस्तान के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी की वैधता के बिंदु पर सुनवाई करते हुए पटना हाइकोर्ट ने राज्य सरकार से दो सप्ताह में जवाब मांगा है.
न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार सिंह की एकलपीठ ने अब्दुल जलील मस्तान की ओर से दायर आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया. याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया की एक ही कांड के सिलसिले में पूर्व मंत्री पर दो-दो एफआइआर दर्ज की गयी हैं जो कानूनन अमान्य हैं.
यह है मामला : प्राथमिकी में पूर्व मंत्री पर आरोप है कि 22 फरवरी 2017 को उन्होंने पूर्णिया के अमौर में हुई आम सभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की और उनके उकसावे पर ही भीड़ ने प्रधानमंत्री के फोटो पर जूता फेंका. यह गलत कार्य कर पूर्व मंत्री ने धार्मिक उन्माद फैलाने का काम किया है. इस मामले को लेकर पूर्णिया के उदय सिंह की तरफ से एक शिकायत अब्दुल जलील मस्तान के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं में अमौर थाना में दर्ज करायी गयी जो अमौर थाना कांड संख्या 25/2017 के रूप में दर्ज हुआ.
वहीं दूसरी ओर इसी घटना को लेकर भाजपा विधायक नितिन नवीन की तरफ से भी पटना के कोतवाली थाना में एक प्राथमिकी जलील मस्तान के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी गयी थी. इस प्राथमिकी को भी सुनवाई के लिए पूर्णिया स्थानांतरित कर दिया गया जो अमौर थाना कांड संख्या 26/2017 के रूप में दर्ज हुआ.

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