पटना : नीलामी भी हुई तो नहीं मिलेगा गौरव बस का बकाया

सुल्तान पैलेस व उसके सामने सड़क पर खड़ी गौरव बसों की स्थिति हो चुकी है जर्जर पटना : परिवहन निगम में यात्रियों को बेहतर बस सेवा उपलब्ध कराने के लिए पीपीमोड पर चलनेवाली करोड़ों की लागत वाली गौरव बस की नीलामी होने पर भी निगम को बकाया राशि नहीं मिल पायेगी. सुल्तान पैलेस व उसके […]

सुल्तान पैलेस व उसके सामने सड़क पर खड़ी गौरव बसों की स्थिति हो चुकी है जर्जर
पटना : परिवहन निगम में यात्रियों को बेहतर बस सेवा उपलब्ध कराने के लिए पीपीमोड पर चलनेवाली करोड़ों की लागत वाली गौरव बस की नीलामी होने पर भी निगम को बकाया राशि नहीं मिल पायेगी. सुल्तान पैलेस व उसके सामने सड़क पर खड़ी गौरव बसों की स्थिति जर्जर हो चुकी है. परिवहन निगम का गौरव बस पर लगभग तीन करोड़ से अधिक की बकाया राशि है. गौरव बस के पार्ट-पूर्जे सहित अन्य उपकरणों के गायब होने पर बसों की उचित कीमत मिलना असंभव है. जानकारों का कहना है कि बस की मूल कीमत का 20 से 25 फीसदी ही मिल पायेगा. एक बस की कीमत लगभग एक करोड़ के आसपास थी.
बकाया वसूली के लिए सर्टिफिकेट केस
बकाया राशि वसूलने के लिए निगम ने सर्टिफिकेट केस कर रखा है. क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार पटना की ओर से सर्टिफिकेट केस जारी हुआ है. एग्रीमेंट के तहत बस संचालक काे प्रत्येक बस से प्रत्येक दिन प्राप्त कुल राजस्व का 10 फीसदी राशि चुकता करना था. लगभग चार साल सेवा देने के बाद ही करोड़ों की गौरव बस वर्तमान में कौड़ी के भाव में परिवहन निगम में खड़ी है.
राज्य में 2011 में लोगों को परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों की कीमत की गौरव बस का संचालन शुरू हुआ था. लगभग 12 बसों का रांची, जमशेदपुर, दरभंगा, गया, पूर्णिया सहित अन्य शहरों में परिचालन हो रहा था. बस में आरामदायक सीटें, मोबाइल चार्जर, लैपटॉप देखने आदि की सुविधा को लेकर किराया भी अन्य बसों से लगभग दुगुना था. साथ ही उस दौरान सड़कों के हालात उतने बेहतर नहीं होने के कारण संचालन में भी परेशानी हो रही थी. नतीजा चार साल में ही किराया अधिक होने व बसों के संचालन में राशि अधिक खर्च होने पर बसों का संचालन धीरे-धीरे कम होता गया.
कौड़ी के भाव : करोड़ों की गौरव बस कौड़ी के भाव में दिख रही है. निगम सूत्र ने बताया कि संचालन बंद होने के बाद दो बसें छोड़कर सभी निगम परिसर में खड़ी है. उसकी भी हालत जर्जर है. बस के कई पार्ट-पूर्जे निकाल लिये गये हैं.

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