नेऊरा से पटना के बीच आधा से एक घंटा लेट हो रहीं ट्रेनें
पटना : पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से पटना जंक्शन आने वाली एक्सप्रेस हो या फिर पैसेंजर ट्रेनें, अमूमन ट्रेनों को आउटर सिग्नल पर खड़ा होना पड़ता है. इससे एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनें पटना जंक्शन पहुंचते-पहुंचते आधा से एक घंटा देर हो जाती है. यह स्थिति नेऊरा से पटना जंक्शन और पटना सिटी से राजेंद्र नगर के बीच अधिक है. दानापुर रेल मंडल प्रशासन ने बेवजह ट्रेनों को आउटर पर नहीं खड़ा होना हो. इसको लेकर रियल टाइम मॉनीटरिंग शुरू की गयी.
इसके बावजूद ट्रेनें आउटर पर खड़ी होती हैं और रेल यात्रियों को परेशानी होती है. दानापुर स्टेशन पर मैनुअल सिग्नल सिस्टम के जरिये ट्रेनों का परिचालन किया जाता है. इस स्थिति में बेवजह भी ट्रेनों को आउटर पर रोका जाता है. इस समस्या को दूर करने के लिए रेल मंडल प्रशासन ने रूट रिले इंटरलॉकिंग सिस्टम इंस्टाॅल करने की योजना बनाया. ताकि, ट्रेनों के परिचालन में सहूलियत हो सके. लेकिन, ऑप्टिकल केबल के अभाव में योजना पूरी नहीं की जा सकी है.
यात्रियों को झेलनी पड़ती है परेशानी
दिल्ली से आने वाली संपूर्ण क्रांति एक्स, राजधानी एक्सप्रेस, विक्रमशिला एक्सप्रेस की ठहराव पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से पटना के बीच नहीं है. वहीं, ब्रह्मपुत्रा मेल का ठहराव आरा-पटना के बीच नहीं है. इसके बावजूद कभी नेऊरा, कभी दानापुर व फुलवारी स्टेशन के आउटर सिग्नल पर खड़ी कर दी जाती हैं. वहीं, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन व बक्सर स्टेशन से आने वाली पैसेंजर ट्रेनों को भी आउटर पर घंटों रोक दी जाती हैं. पैसेंजर ट्रेनों के विलंब होने से दैनिक यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती हैं.
टाइम फीड करने में अनियमितता : पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से पटना आने वाली ट्रेन संख्या 63264 दानापुर स्टेशन 1:20 घंटे की देरी से पहुंची. लेकिन, यह ट्रेन पटना जंक्शन 26 मिनट पहले पहुंची. वहीं, ट्रेन संख्या 63234 भी दानापुर 30 मिनट की देरी से पहुंची, लेकिन पटना जंक्शन ससमय पहुंचा दी गयी. ट्रेनों के रियल टाइम मॉनीटरिंग में ट्रेनों को ससमय पहुंचा दिया जाता हैं, जो हकीकत में नहीं होता हैं.
