पटना : पत्नीऐश्वर्या राय के साथ तलाक के मसले को लेकर कुछ दिनों तक अपने परिवार और राजनीति से दूर रहे प्रदेश के पूर्व मंत्री और राजद प्रमुख लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने सोमवार को कहा कि अगर उन्हें पार्टी का नेतृत्व सौंपा गया तो वह पीछे नहीं हटेंगे. राजनीतिक सक्रियता बढ़ाते हुए तेज प्रताप यादव ने सोमवार को राजद के प्रदेश कार्यालय पहुंचे और पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद के कक्ष में बैठने के साथ जनता दरबार लगाकर पार्टी कार्यालय आये लोगों की समस्याएं सुनीं.
छोटे भाई एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के साथ मतभेद की अटकलों को खारिज करते हुए तेज प्रताप ने इसे दुष्प्रचार बताया और कहा कि वह एक जनप्रतिनिधि और पार्टी नेता के तौर पर जनता की समस्या को सुनने के लिए जनता दरबार लगाने की शुरूआत की है और इसे नियमित रूप से जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि उनके पिता राजद प्रमुख लालू प्रसाद भी ऐसे ही अपने पास आए लोगों से मिलकर उनकी फरियाद सुना किया करते थे. छोटे भाई तेजस्वी को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनवाने और स्वयं पार्टी की कमान संभालने के प्रयास में लगे होने की चर्चा के बारे में पूछे जाने पर तेज प्रताप ने इसे गलत और अफवाह बताया.
यह पूछे जाने कि अगर उन्हें पार्टी की कमान सौंपी जाती है तो क्या वह उसे स्वीकार करेंगे, तेज प्रताप ने कहा, ‘‘अगर हमें ऐसा मौका मिलता है और राजद प्रमुख लालू प्रसाद हमें यह जिम्मेदार सौंपतें हैं तो हम उसे जरूर निभायेंगे. इससे पीछे नहीं हटेंगे.” उन्होंने आगे कहा कि पार्टी सभी के सहयोग से चलती है. पार्टी में सबकी अपनी-अपनी जिम्मेदारी है और वह अपना-अपना दायित्व निभाते हैं.
पारिवारिक समस्या के कारण करीब दो महीने से राजनीतिक से दूर रहे तेज प्रताप ने बिहार में शराबबंदी को विफल होने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि प्रदेश में शराब की होम डिलेवरी हो रही है. तेज प्रताप ने दावा किया कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव और 2020 में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में राजग का प्रदेश से सफाया हो जायेगा.
