पटना : पटना सहित पूरे बिहार में आगामी 15 जनवरी से मिजल्स-रूबेला अभियान शुरू किया जायेगा. भारत सरकार ने एमआर टीके को नियमित टीकाकरण में शामिल किया है. मिजल्स और रूबेला जैसी घातक बीमारियों का उपचार अब केवल एक टीके से संभव होगा. यह टीका पूरी तरह से नि:शुल्क लगेगा. कैंपन की तरह इस अभियान को चलाया जायेगा.
यह कहना है स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे का. दरअसल रविवार को राज्य स्वास्थ्य समिति, आइएपी व यूनिसेफ की ओर से मीजल्स रूबेला पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे व राज्य प्रशिक्षण अधिकारी डॉ एके सिन्हा ने किया. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश के बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है. टीके नहीं लगने के कारण कई बच्चे खतरनाक बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं. इस अभियान को चलाने में 5 हफ्ते के बदले 15 हफ्ते भी लगे पर हमें हर हाल में इस लक्ष्य को पूरा करना होगा.
क्या है मीजल्स बीमारी : ंइंडियन पेडियाट्रिक एसोसिएशन के सचिव डॉ एनके अग्रवाल ने कहा कि मिजल्स बीमारी को खसरा आदि रोग के नाम से भी जाना जाता है. इसमें सर्दी खांसी, आंखों में लालीपन, शरीर पर दाने होते हैं. इससे तत्काल कोई नुकसान नहीं होने पर कई लोग इसे माताजी मान कर इलाज नहीं कराते हैं. इसी तरह रूबेला भी सर्दी, खांसी और छींक के साथ एक-दूसरे में फैलती है. हालांकि इस रोग का दुष्प्रभाव मीजल्स के मुकाबले कुछ हद तक कम होता है.
