पटना : शिक्षा विभाग ने दो जिलों के उच्च विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निलंबित कर दिया है. इनमें एक पर स्कूल में कोटिवार छात्रों को बांटकर अलग-अलग रजिस्टर में हाजिरी बनाने और दूसरे पर जाति आधारित वर्ग चलाने का आरोप है. दोनों स्कूलों की खबरें प्रभात खबर में छपने के बाद विभागीय स्तर पर हुई जांच में इसे सही पाया गया, िजसके बाद यह कार्रवाई की गयी है.
वैशाली जिले केलालगंज प्रखंड स्थित जीए उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की जांच में यह पाया गया कि कक्षा 9वीं और 10वीं में नामांकित छात्र और छात्राओं को जाति-धर्म के आधार पर कोटियों में बांटकर हाजिरी रजिस्टर तैयार किया गया है. साथ ही यहां धार्मिक और जातीय आधार पर विद्यालय में क्लास भी चलाया जाता है.
यह भी विभागीय आदेश की पूरी तरह से अवहेलना है और इसका दोषी पाते हुए प्रधानाध्यापिका मीना कुमारी (नियमित शिक्षिका) को निलंबित कर दिया गया है. इस तरह का विभाग की तरफ से कोई आदेश कभी जारी नहीं किया गया था, लेकिन प्रधानाध्यापिका ने अपने स्तर से यह नियम बनाकर इसे स्कूल में पालन करवा दिया था. इसके अलावा पूर्वी चंपारण के कल्याणपुर प्रखंड स्थित तेनुआ उच्च विद्यालय में छात्रों की जाति के आधार पर इन्हें अलग-अलग कोटियों में बांटकर इनकी अलग हाजिरी रजिस्टर तैयार करके रखी गयी थी और इसके आधार पर हाजिरी भी बनायी जाती थी.
हालांकि, क्लास का संचालन जातीय आधार पर नहीं होता है. जातीय आधार पर कोटि में बांटकर विद्यालय में नामांकित छात्र और छात्राओं की उपस्थिति पंजी तैयार करना विभागीय नियमों के खिलाफ है.
इस वजह से इस स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक कमलेश कुमार स्वावलंबी (नियमित शिक्षक) को निलंबित कर दिया गया है. निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय पूर्वी चंपारण स्थित डीईओ ऑफिस होगा. माध्यमिक शिक्षा निदेशक गिरिवर दयाल सिंह ने दोनों मामलों में आदेश जारी कर दिया है.
