पटना : सूबे में अब तक धान की खरीद शुरू नहीं हो सकी है. इसमें सबसे बड़ी बाधा धान की नमी बनी हुई है. पैक्स ने धान खरीद की पूरी तैयारी कर ली है, लेकिन किसान अभी नहीं पहुंच रहे हैं. 15 नवंबर से धान की खरीद शुरू होनी थी.
सरकार भी अब धान की खरीद को लेकर गंभीर हो गयी है और उच्च स्तर पर इसकी निगरानी शुरू हो गयी है. पिछले साल राज्य में 11.84 लाख टन धान की खरीद हुई थी. सरकारी तौर पर धान खरीद का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1750 रुपये प्रति क्विंटल दर तय है. पैक्स काे 8 प्रतिशत की दर पर धान खरीद के लिए सरकार राशि उपलब्ध करा रही है. राज्य की करीब पांच हजार पैक्स में धान की खरीद होनी है.
धान खरीद में नमी का अत्याधिक मात्रा सबसे बढ़ी बाधा बनी हुई है. सरकार ने जो मानक तैयार किया है उसमें 17 प्रतिशत तक नमी वाले धान की खरीद होनी है. लेकिन अभी धान में नमी की मात्रा 18 से लेकर 24 प्रतिशत तक है. पैक्सों में ड्रायर मशीन लगाने की योजना है, लेकिन अभी कुछ ही पैक्स में ड्रायर मशीन लगी है.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये खरीद का लिया गया जायजा : किशनगंज और सीतामढ़ी को छोड़ दें तो शेष जिलों में धान खरीद की बोहनी तक नहीं हुई है. सोमवार को मुख्य सचिव दीपक कुमार ने धान खरीद की समीक्षा की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सभी जिलाधिकारियों से बात की. जिलाधिकारियों ने बताया कि नमी के कारण धान केंद्रों तक किसान नहीं ला रहे हैं. किशनगंज और सीतामढ़ी में करीब डेढ़ सौ क्विंटल धान खरीद हुई है. सभी जिलाधिकारियों ने मुख्य सचिव को बताया कि सरकारी स्तर पर सभी तरह की तैयारियां कर ली गयी हैं.
