पटना : राम मंदिर के निर्माण को लेकर हलचल अयोध्या में हो रही है लेकिन इसका असर पटना में भी दिख रहा है. एनडीए में शामिल प्रमुख घटक दलों की इस ज्वलंत मुद्दे पर अपनी- अपनी राय है. सभी ने भाजपा पर दबाव बनाया हुआ है कि राम मंदिर काे लेकर सहयोगी पार्टियों का स्टैंड है उसका न केवल सम्मान करे बल्कि उसकी रक्षा भी सुनिश्चित करे.
जदयू और लोक जन शक्ति पार्टी चाहती हैं कि इस मुद्दे को बेवजह तूल नहीं दिया जाये. दोनों ही दलों के प्रमुख नेता शनिवार को यूपी में मौजूद पार्टी पदाधिकारियों से वहां की स्थिति का जायजा लेते रहे. जेडीयू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने प्रभात खबर को बताया कि राम मंदिर के मुद्दे पर जदयू का स्टैंड साफ है.
नीतीश कुमार और जार्ज फर्नाडीज जब एनडीए में शामिल हुए थे तभी यह जुड़वा दिया गया था कि इस मसले का हल या तो हिन्दू-मुस्लिम समाजों के प्रतिनिधि निकालें या फिर कोर्ट का फैसला मान्य हो. इसलिए हम सभी को कोर्ट के फैसले तक इंतजार करना चाहिए.
नेपाल चाह रहा भारत विकसित करे सीताराम सर्किट
पटना : भारत में भगवान राम के मंदिर को लेकर बहस हो रही है. पूरी सियासत इस पर केंद्रित हो गयी है. पड़ोसी देश नेपाल के लोगों की भी इस पर निगाह है. वह चाहते हैं कि भारत में जिस तरह रामजी की बात हो रही है. उसी तरह माता सीता पर भी बात होनी चाहिए.
पश्चिमी चंपारण जिले के वाल्मीकि नगर से करीब पांच किमी दूर नेपाल में स्थित वाल्मीकि आश्रम हैं. यहां के प्रमुख पुजारी शेखर शुभेंदु का कहना है कि यहां माता सीता धरती में समायी थीं. राम के भक्त सीता का नाम पहले लेते हैं, इसलिये नेपाल और भारत सरकार को मिल कर सीताराम सर्किट विकसित करना चाहिए.
