पटना : जू की पुरानी झील को दर्शक राइनो सफारी का निर्माण पूरा होने के बाद नहीं देख पायेंगे. यह पूरा क्षेत्र में उसमें समाहित हो जायेगा. इसके लिए इसे तारों से घेरने का काम शुरू हो चुका है. चूंकि इस क्षेत्र का प्राकृतिक पर्यावरण गैंडों के अनुकूल है, इसलिए इसे पूरी तरह उनके लिए ही आरक्षित कर दिया गया है ताकि वे अपने मनपसंद प्राकृतिक पर्यावरण में एक-दूसरे से मिलन कर सकें और मानवीय उपस्थिति उसमें बाधक नहीं बने. इससे उनके प्रजनन को बढ़ावा मिलेगा.
झील में मौजूद दो-तीन फुट का जल स्तर भी गैंडों के अनुकूल है और इससे गर्मियों में उन्हें परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. जू की पुरानी झील के साथ-साथ हाथी और घड़ियाल केज भी पूरी तरह गैंडा प्रजनन क्षेत्र में समाहित हो जायेगा अौर वहां आम दर्शकों के आने-जाने पर पाबंदी होगी.
