पटना : पंजाब के अमृतसर में दशहरा मेला देख रहे दर्जनों लोग ट्रेन की चपेट में आ गये थे. करीब 60 लोगों की जान चली गयी थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे. दरअसल, यह मेला रेलवे ट्रैक के किनारे लगा था. रावण दहन के दौरान अचानक पटरी पर ट्रेन आयी और लोगों के लिए काल बन गयी. ऐसे हादसों से बचाव के लिए बिहार सरकार हरकत में आ गयी है.
एडीजी रेल और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आलोक राज ने पूरे प्रदेश में ऐसे सभी स्थानों को चिह्नित करने के निर्देश दिये हैं, जहां भीड़-भाड़ वाले आयोजन रेल पटरी के किनारे होते हैं. इसके लिए सभी जिलों से रिपोर्ट तलब की है. इतना ही नहीं, रेलवे से भी इस तरह रेलवे पटरी के किनारे होने वाले आयोजनों की जानकारी कर ब्योरा देने को कहा है.
बुधवार को एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आलोक राज ने बताया कि उन्होंने पंजाब हादसे को देखते हुए एक बैठक बुलायी थी. इसमें सभी जिलों से पटरियों के किनारे होने वाले आयोजनों को लेकर ब्योरा मांगा गया है. ताकि समय रहते पंजाब जैसी घटनाओं से निबटने की रणनीति बनायी जा सके.
अचानक प्लेटफाॅर्म बदलने से भी परहेज करे रेलवे : आलोक राज
आलोक राज ने कहा कि रेलवे से कई बिंदुओं पर सुरक्षा को लेकर बात हुई है. पर्व-त्योहार का सीजन है. ऐसे में बाहरी राज्यों से आने वाले बिहार के रहने वाले लोगों की संख्या काफी होती है. खास तौर से छठ और दीपावली को लेकर ट्रेनों और स्टेशनों पर काफी भीड़ रहती है. ऐसे में अचानक ट्रेन का प्लेटफाॅर्म बदलने की उद्घोषणा होते ही भगदड़ की स्थिति हो जाती है.
पूर्व में कई शहरों में इस तरह की घटनाएं हुई भी हैं. कई लोग ऐसी घटनाओं में जान भी गंवा चुके हैं. इसलिए रेलवे से कहा गया है कि किसी भी ट्रेन के आने की सूचना समय रहते दी जाये, ताकि किसी भी घटना से बचा जा सके. खास तौर से प्लेटफाॅर्म बदलने से बचा जाये. जिस प्लेटफाॅर्म की उद्घोषणा हो जाये, उसी प्लेटफाॅर्म पर उस गाड़ी को लाया जाये.
