पटना : पीएमसीएच से वर्ष 2014 में गायब दोनों नवजात को चार साल बाद भी पुलिस बरामद नहीं कर पायी है. दोनों ही मामलों को पुलिस ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है. सूत्रों का कहना है कि एक मां की गोद सूनी कर दूसरे मां की गोद भरने का खेल हो रहा है. इस चोरी को महिला चोर गिरोह ने अंजाम दिया था.
पीएमसीएच से गायब हुए दो बच्चों के मामले में पीरबहोर थाने में केस दर्ज किया गया था. इसी प्रकार 2017 में हाजीपुर के एक निजी अस्पताल से भी एक नवजात की चोरी हुई थी. इसी साल नवंबर में एनएमसीएच से भी नवजात की चोरी हो चुकी है. सभी घटनाओं में महिला चोर की तस्वीर सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई, लेकिन फिर भी पहचान नहीं हो पायी.
बच्चा चोरों के निशाने पर नवजात हैं. जिन मां को बच्चा नहीं होता है वो नवजात के बदले में दो से तीन लाख रुपये देने को तैयार रहती हैं. ये बच्चा चोर आमतौर पर सरकारी अस्पतालों में सक्रिय हैं, क्योंकि वहां सुरक्षा व्यवस्था अच्छी नहीं है और गरीब महिलाएं ही प्रसव के लिए एडमिट होती है.
छह साल का बच्चा भी हो चुका है गायब
पीएमसीएच में इलाज करवाने आयी महिला रानी देवी का छह साल का बच्चा भी 2016 में चोरी हो गया था. रानी देवी छह साल के बच्चे व डेढ़ साल की बेटी के साथ खुद का इलाज कराने सीतामढ़ी से पटना आयी थी. एक महिला ने उससे दोस्ती कर ली और इलाज कराने के लिए रानी देवी हथुआ वार्ड के अंदर गयी और बाहर आयी तो बच्चा और महिला गायब थी.
पीएमसीएच से 2014 में चोरी हुए थे दो नवजात
-पीएमसीएच के प्रसूति विभाग से एक जनवरी, 2014 को अहले सुबह समस्तीपुर के मोहद्दीनगर निवासी पिंकी देवी का नवजात गायब हो गया था. पिंकी के परिजन किसी काम से बाहर निकले और इस बीच नवजात गायब हो गया. महिला चोर ने पिंकी से दोस्ती कर ली थी और मौका देख कर घटना को अंजाम दिया.
-पीएमसीएच के ही प्रसूति विभाग से मई, 2014 में जहानाबाद निवासी कलावती देवी का नवजात गायब हो गया. कलावती अपने नवजात को दूसरे के भरोसे छोड़ कर बाथरूम चली गयी थी और लौटने पर बच्चा गायब मिला था.
2017 में घटित घटनाएं
-एनएमसीएच से 11 नवंबर को बाईपास थाने के रमेश की पत्नी सरोजा देवी का नवजात चोरी हो गया था.
-हाजीपुर के मुकेश शर्मा की पत्नी पुतुल शर्मा की डिलिवरी 22 नवंबर को एक निजी अस्पताल में हुई थी. बच्चे को चोर ने गायब कर दिया.
