जिन शिक्षकों का प्रदर्शन असंतोषजनक, रुकेगी वेतन वृद्धि

पटना : सरकारी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए औचक निरीक्षण की प्रक्रिया नियमित अपनायी जा रही है. इस दौरान बिना किसी कारण के गायब पाये जाने वाले शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटते हुए उन पर विभागीय कार्रवाई की जाती है. इसके साथ ही अब जिन शिक्षकों में गुणवत्ता की […]

पटना : सरकारी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए औचक निरीक्षण की प्रक्रिया नियमित अपनायी जा रही है. इस दौरान बिना किसी कारण के गायब पाये जाने वाले शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटते हुए उन पर विभागीय कार्रवाई की जाती है. इसके साथ ही अब जिन शिक्षकों में गुणवत्ता की कमी पायी गयी या जो शिक्षक बिना किसी गुणवत्ता के पाये गये, अब उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जायेगी. ऐसे शिक्षकों की एक वेतन वृद्धि रोक दी जायेगी.
यह आदेश शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) को दिया है. शिक्षा विभाग में शुक्रवार को राज्य के सभी डीईओ और डीपीओ के साथ आला अधिकारियों की समीक्षा बैठक हुई. प्रधान सचिव ने कहा कि सभी डीईओ औचक निरीक्षण के दौरान दोषी पाये जाने वाले दोनों तरह के शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई करें. शिक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाने में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जायेगी.
डीईओ से मांगा गया स्पष्टीकरण : हाल में हुए औचक निरीक्षणों के दौरान जिन 19 जिलों में समुचित तरीके से औचक निरीक्षण नहीं किये गये थे और इस दौरान निर्धारित संख्या में विद्यालयों का निरीक्षण भी नहीं किया गया था. ऐसे सभी 19 डीईओ से स्पष्टीकरण पूछा गया है. इन्हें 15 दिनों के अंदर जवाब देने के लिए कहा गया है कि आखिर औचक निरीक्षण के दौरान निर्धारित संख्या में स्कूलों का निरीक्षण क्यों नहीं किया गया और इसकी रिपोर्ट भी निदेशालय को नहीं सौंपी गयी है.
कम संख्या में निरीक्षण करके महज खानापूर्ति कर दी गयी है. इसमें मधुबनी, किशनगंज, दरभंगा, नवादा समेत अन्य जिले शामिल हैं. इसमें लापरवाही पर अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई होगी.
फर्जी शिक्षकों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
बैठक के दौरान निगरानी की जांच में पकड़े गये फर्जी शिक्षकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने की बात कही गयी. इस संबंध में सभी डीपीओ से कहा गया कि वे इस बात का हर हाल में ध्यान रखें कि कोई भी फर्जी शिक्षक वेतन नहीं उठा ले. यह सुनिश्चित करें कि उनके जिला में कार्यरत कोई भी नियोजित शिक्षक, जिन्होंने त्याग-पत्र दे दिया या निगरानी जांच में जिनका प्रमाण-पत्र फर्जी पाया गया, उनका वेतन भुगतान नहीं हो. साथ ही ऐसे फर्जी शिक्षकों की सेवा समाप्त करने से संबंधित औपचारिक आदेश सभी नियोजन इकाईयों को भी जारी कर दें. इसके लिए सभी जिलों को खासतौर से पहल करने के लिए कहा गया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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