कवायद. नये सत्र से किया जायेगा शुरू
पटना : एनसीटीई ईआरसी से मान्यता प्राप्त एवं बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बिहार बोर्ड) से संबद्धता प्राप्त सरकारी एवं गैर सरकारी डीएलएड संचालित प्रशिक्षण संस्थानों में सत्र 2019–21 में नामांकन के लिए केंद्रीयकृत प्रवेश परीक्षा (सेंट्रलाइज्ड एडमिशन टेस्ट यानी सीएटी) हाेगी.
यह निर्णय शनिवार को बिहार बोर्ड की गवर्निंग बॉडी मीटिंग में लिया गया. राज्य में कुल 294 सरकारी एवं गैर सरकारी डीएलएड प्रशिक्षण संस्थान हैं, जिन्हें एनसीटीई ईआरसी से मान्यता एवं बिहार बोर्ड से सम्बद्धता प्राप्त है. इन संस्थानों में स्वीकृत सीटों की संख्या कुल 28,950 है.
वर्तमान व्यवस्था के तहत प्रशिक्षणार्थियों का नामांकन प्रशिक्षण संस्थानों के स्तर से ही होता है. गवर्निंग बॉडी मीटिंग बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर की अध्यक्षता में हुई. इसमें शिक्षण संस्थानों की संबद्धता, संविदा के आधार पर नियोजन के लिए सृजित पदों के वेतनमान निर्धिरण की स्वीकृति प्रदान करते हुए विभागीय स्वीकृति लेने समेत कई आवश्यक निर्णय लिये गये.
बैठक में माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजीव प्रसाद सिंह रंजन, मौलाना मजहरूल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति प्रो एसएम रफीक आजम, नालंदा खुला विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपि प्रो कृतेश्वर प्रसाद, शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय भागलपुर के प्राचार्य राकेश कुमार, बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक अमरेंद्र कुमार, पटना विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक रामकुमार मंडल व बिहार बोर्ड के सचिव अनूप कुमार सिन्हा उपस्थित थे.
एनसीटीई से मान्यता प्राप्त दो संस्थानों को डीएलएड कोर्स संचालन के लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति विनियमावली-2016 के तहत संबद्धता प्रदान करने की स्वीकृति दी गयी. इसमें वैशाली का विशुन राजदेव टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, किरतपुर, राजाराम, लालगंज तथा औरंगाबाद का महिला महाविद्यालय, मुदिया, अंबा शामिल है.
अपीलीय प्राधिकार के रूप में दो पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की स्वीकृति : समिति के माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक प्रभाग में अपीलीय प्राधिकार के रूप में दो पदाधिकारियों को प्रतिनियुक्त करने की स्वीकृति प्रदान की गयी. इनमें मुख्य निगरानी पदाधिकारी (माध्यमिक) सुधीर श्रीवास्तव, व अपर सचिव (उच्च माध्यमिक रघुवंश कुमार शामिल हैं.
