फुलवारीशरीफ : बिहार के नौजवानों की जिम्मेदारी है कि जात, धर्म व संप्रदाय से ऊपर उठ कर रक्तदान को जरिया बनाकर समाज के सामने नयी मिसाल पेश करें.
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने युवकों का आह्वान किया कि जीते जी रक्तदान और मरने के बाद अंगदान का संकल्प लें और दूसरे लोगों को इस पुण्य कार्य के लिए प्रेरित करें. मंत्री ने कहा कि उन्होंने करीब 50 से अधिक बार स्वयं रक्तदान किया है. इसके बाद भी उनका शरीर पूरी तरह स्वस्थ है. मौत के बाद शरीर को जलाना या मिट्टी में दफनाना ही है तो ऐसे में अंगदान करने से बड़ा कार्य कुछ नहीं हो सकता.
मंत्री मंगल पांडेय सोमवार को राष्ट्रीय रक्तदान दिवस के अवसर पर बेऊर के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड रिसर्च सेंटर में आयोजित रक्तदान शिविर कार्यक्रम के समारोह को संबोधित कर रहे थे. अपने अध्यक्षीय भाषण में संस्थान के निदेशक प्रमुख डाॅ अनिल सुलभ ने कहा कि संस्थान के छात्रों ने बिहार ब्लड डोनर टीम का गठन कर बड़ा ही प्रशंसनीय कार्य किया है.
