पटना : प्रदेश के पांच लाख से अधिक संविदाकर्मियों को सरकारी कर्मचारी की तर्ज पर सुविधाएं देने का फैसला सरकार ने किया तो उसके आगे की कवायद भी शुरू हो गयी है.
सामान्य प्रशासन विभाग को इसको लेकर दिशा-निर्देश भी जारी होने लगे हैं. संविदाकर्मियों के नियमितीकरण के लिए बनायी गयी उच्च स्तरीय समिति की अनुशंसाओं को लेकर बिंदुवार काम शुरू होगा. इसके तहत सरकारी कर्मचारियों के लिए तैयार होने वाली ‘सेवा पुस्तिका’ की तर्ज पर संविदाकर्मियों के लिए ‘सेवा अभिलेख’ तैयार किया जायेगा. इसी में संविदाकर्मियों की सारी जानकारी रहेगी. इतना ही नहीं ‘आदर्श सेवा नियमावली’ के तहत सभी संविदाकर्मियों के बारे में एक स्थान पर ही सभी तरह की सूचनाएं उपलब्ध होंगी. उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट के अनुसार संविदाकर्मियों की मांग है कि उनके लिए ‘सेवा पुस्तिका’ बनायी जाये. समिति इस मांग से सहमत भी है.
समिति ने इस मांग को देखते हुए अनुशंसा की कि सभी संविदाकर्मियों के लिए ‘सेवा अभिलेख’ होगा. ‘सेवा पुस्तिका’ के स्थान पर ‘सेवा अभिलेख’ की अनुशंसा इस कारण की गयी है कि नियमित कर्मचारियों और संविदा कर्मचारियों में अंतर स्पष्ट हो सके.
‘सेवा अभिलेख’ तैयार करने की जिम्मेदारी सामान्य प्रशासन विभाग को दी गयी है. ‘सेवा अभिलेख’ का स्वरूप क्या होगा, इसका निर्धारण सामान्य प्रशासन विभाग करेगा.
