पटना एम्स के सातवें स्थापना दिवस समारोह में बोले मंत्री अश्विनी चौबे, 22 सुपर स्पेशियलिटी ओटी की होगी सुविधा

फुलवारीशरीफ : भारत सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि ऐसा इलाज करें कि कोई मरीज पटना एम्स से निराश होकर नहीं लौटे. इसके लिए टेली मेडिसिन छत्तीसा जैसे कार्यक्रमों को गांव-गांव में एम्स तेजी से चलाने का काम करें. दशहरा के बाद पटना एम्स में 22 […]

फुलवारीशरीफ : भारत सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि ऐसा इलाज करें कि कोई मरीज पटना एम्स से निराश होकर नहीं लौटे.
इसके लिए टेली मेडिसिन छत्तीसा जैसे कार्यक्रमों को गांव-गांव में एम्स तेजी से चलाने का काम करें. दशहरा के बाद पटना एम्स में 22 सुपर स्पेशियलिटी ओटी की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी. मंत्री श्री चौबे मंगलवार की देर शाम पटना एम्स के सातवें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा िक मरीजों के परिजनों के रहने और ठहरने के लिए 18-19 के वित्तीय वर्ष में आवास की सुविधा शुरू होगी. इस आवास का नाम करण पूर्व प्रधानमंत्री स्व अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर किया जायेगा. इसके लिए एनटीपीसी से बातचीत हो चुकी है. पटना के अलावा दूसरे जिले में भी जल्द ही एम्स के निर्माण कार्य का शुभारंभ होने का एलान भारत सरकार करेगी. एम्स के निदेशक से कहा कि जल्द से यहां पेड़ पौधों से हरा भरा करने के कामों में तेजी लाया जाये. उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक ने अपनी तरफ से एक विश्राम गृह का निर्माण कराने के लिए हामी भरी है.
सांसद राम कृपाल यादव ने यहां शुद्ध पेयजल की व्यवस्था कराने का काम करेंगे. इससे पहले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना का सातवें स्थापना दिवस कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, संस्थान के निदेशक डॉ पीके सिंह, मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ एसएन आर्या, एम्स पटना के संस्थापक निदेशक डॉ जीके सिंह, परिवहन विभाग, बिहार सरकार के प्रधान सचिव संजय अग्रवाल और बिहार राज्य हिंदी प्रगति समिति के अध्यक्ष कवि सत्य नारायण ने संयुक्त रूप से किया. संस्थान के निदेशक डॉ पीके सिंह ने एम्स पटना का वार्षिक विवरण प्रस्तुत किया और एमबीबीएस और बीएससी नर्सिंग में टॉपर रहे छात्र-छात्राओं को मेडल देकर पुरस्कृत किया. इस दौरान एमबीबीएस के 26 छात्रों और बीएससी नर्सिंग के 12 छात्रों को पुरस्कृत किया गया.
छात्रों द्वारा तैयार की गयी कॉलेज पत्रिका “स्पंदन“का लोकार्पण बिहार राज्य हिंदी प्रगति समिति के अध्यक्ष (राजभाषा विभाग, राज्य सरकार) ने किया. मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ एसएन आर्या ने स्थापना दिवस व्याख्यान के दौरान “आइजइन द आइज ऑफ ए फिजिशियन“ विषय पर चर्चा की. उन्होंने बताया कि एक कुशल चिकित्सक मरीज की आंखों को देखकर उसके मर्ज का पता लगा सकता है.
बिहार राज्य हिंदी प्रगति समिति के अध्यक्ष (राजभाषा विभाग, राज्य सरकार) कवि सत्य नारायण इस मौके पर बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद थे. उन्होंने अपने संबोधन में राजभाषा का महत्व बताया और अपनी कविताओं से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया. बतौर विशेष अतिथि परिवहन विभाग, बिहार सरकार के प्रमुख सचिव संजय अग्रवाल ने भी छात्रों एवं चिकित्सकों को संबोधित किया.
समारोह में प्रख्यात चिकित्सक डॉ एसएन आर्या और जेपी आंदोलन में सक्रीय भागीदारी निभाने वाले सह बिहार गीत के रचियता कवी सत्यनारायण को भारत सरकार की ओर से केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो और अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया. कार्यक्रम के अंत में संस्थान के डीन डॉ प्रेम प्रकाश गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापित किया.
फुलवारीशरीफ : बिहार वासियों के लिए खुशखबरी यह है कि अति गंभीर अवस्था में बर्न पेसेंट को अब बिहार से बाहर नहीं जान होगा. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान पटना में बर्न सेंटर बनने को हरी झंडी मिल चुकी है. एनटीपीसी और एम्स पटना इस मामले पर 26 सितंबर 2018 को सुबह 11 बजे एमओयू साइन करेंगे.
बर्न एंड प्लास्टिक की विभागाध्यक्ष डाॅ वीना सिंह ने बताया कि एनटीपीसी, काॅरपोरेट शोसल रिसपाॅन्सिबिलिटी के तहत 12.5 करोड़ रुपये एम्स पटना के बर्न सेंटर पर खर्च करेगा. यह बर्न सेंटर टर्शरी केयर सेंटर होगा, यानी बर्न के ऐसे मरीज जिनका इलाज बिहार के अन्य अस्पतालों में संभव नहीं है, उनका इलाज यहां किया जायेगा.
डाॅ वीणा सिंह ने बताया कि बर्न सेंटर में 80 बेड होंगे, जिसमें से 20 बेड आईसीयू के होंगे. एम्स पटना परिसर में बर्न सेंटर, दस हजार वर्ग फुट में बनकर तैयार होगा. इसमें दो आॅपरेशन थिएटर, ड्रेसिंग रूम और स्किन बैंक भी होगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >