सतीश कुमार
दरभंगा : राजकीय संस्कृत कॉलेज पटना के प्रधानाचार्य डॉ आरपी चौधुर कॉलेज की शिक्षिकाओं को प्रताड़ित कर रहे हैं. शिक्षिकाओं से वे अश्लील, अशोभनीय, अशिष्ट बातें करते हैं. प्रधानाचार्य की कारगुजारी से परेशान तीन शिक्षिकाओं ने कुलाधिपति के साथ-साथ कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रतिकुलपति व ग्रिभांस सेल को पत्र लिखकर स्थिति की जानकारी दी है.
शिक्षिका डॉ मधु बाला सिन्हा, मेधा मिश्रा व विनीता सुप्रिया ने अनैतिक व्यवहार की शिकायत करते हुए प्रधानाचार्य व कॉलेज के तकनीकी सहायक शिवराम चौधरी पर कार्रवाई की मांग की है. तीनों शिक्षिकाओं से जब प्रभात खबर ने बात की, तो उनका दर्द उभर आया. बताया कि लोक-लाज को लेकर आवेदन में कई बातें नहीं लिखी गयी हैं.
पुरुष के साथ बैठना अच्छा लगता है : शिक्षिकाओं के अनुसार प्रधानाचार्य कहते हैं, ‘आप लोगों को मर्द के साथ बैठना अच्छा लगता है.’ प्रधानाचार्य का व्यवहार अशोभनीय होता है. वे प्राय: शिक्षिकाओं के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं. कहना है कि वे लोग घोर मानसिक यंत्रणा झेल रही हैं.
तकनीकी सहायक भी करता है अभद्रता
कॉलेज का तकनीकी सहायक शिवराम चौधरी भी प्राध्यापिकाओं से अभद्रता करता है. राजनीति शास्त्र विषय में गेस्ट फेकल्टी के तौर पर कार्यरत विनीता सुप्रिया को तकनीकी सहायक ने नौकरी तक समाप्त करवा देने की धमकी दी. कहा कि जो कहा जाता है कीजिए. तकनीकी सहायक कहता रहता है कि उसका कोई क्या करेगा, कुलपति मुट्ठी में हैं. प्रधानाचार्य से इसकी शिकायत की जाती है, तो वे कहते हैं, ‘जो शिवराम चौधरी कहता है कीजिए.’
आरोप से इन्कार
ये लोग कक्षा नहीं लेती थीं. छात्रों ने कंप्लेन किया तो शिक्षिकाओं को समझाया था. उसी पर शिकायत की होगी. विश्वविद्यालय जांच करे, दूध का दूध पानी का पानी हो जायेगा.
डॉ आरपी चौधुर, प्रधानाचार्य
