पटना : बिहार के लगभग पौने चार लाख नियोजित शिक्षकों को समान काम के बदले समान वेतन मामले पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को 15वें दिन सुनवाई होगी.
बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के मीडिया प्रभारी सह प्रवक्ता अभिषेक कुमार ने बताया कि 11 नंबर कोर्ट में समान काम के बदले समान वेतन का मामला सूची में नौवें नंबर पर है. सुनवाई पूरे दिन चलेगी. संघ की ओर से वरीय अधिवक्ता डॉ अभिषेक मनु सिंघवी अपना पक्ष रखेंगे.
पिछले 23 अगस्त को सुनवाई में शिक्षकों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विजय हंसरिया ने बहस करते हुए कहा था कि शिक्षकों का समाज में महत्वपूर्ण स्थान है. भारत के संविधान में भी शिक्षा का महत्व व मौलिक अधिकार है. शिक्षा मद में जितनी राशि का आवंटन होता है मगर उसका भी सरकार पूरा उपयोग नहीं कर पाती है.
वहीं वरीय अधिवक्ता विभा दत्त मखीजा ने भी शिक्षकों का पक्ष रखा था और उनकी बहस अधूरी रह गयी थी. वह मंगलवार को अपनी बहस पूरी करेंगी. हालांकि पूर्व में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, सीएस सुंदरम और सलमान खुर्शीद भी नियोजित शिक्षकों की ओर से पक्ष रख चुके हैं.
उन्होंने पीएबी और कैग की रिपोर्ट का हवाला दिया था. अधिवक्ताओं ने पटना हाईकोर्ट के निर्णय को संवैधानिक प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट की निर्णयों के अनुरूप बताते हुए उसे बहाल करने की वकालत की है.
