पटना : भोजपुर जिले के बिहिया थाना के अंतर्गत महिला को निर्वस्त्र कर घुमाये जाने और उसकी पिटाई करने के विरोध में महिला संगठनों ने बुधवार को प्रतिरोध मार्च निकाला. मार्च रेडियो स्टेशन से होते हुए डाकबंगला पहुंचा, जहां मार्च सभा में तब्दील हो गया.
महिलाओं ने बिहिया की घटना के साथ ही बिहार में लगातार महिलाओं पर हो रही हिंसा के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया और मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की. साथ ही भोजपुर के डीएम और एसपी पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की. ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी ने बताया कि बिहिया की घटना शर्मसार करनेवाली है. ऐसे में बिहिया थाना प्रभारी को बर्खास्त करने और महिलाओं के प्रति घृणा फैलाने वाली ताकतों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की.
ऐपवा की अध्यक्ष सरोज चौबे ने कहा कि जहां हमारी बच्चियों के साथ सरकारी संरक्षण में दुष्कर्म होता है, जहां भीड़ में महिला को निर्वस्त्र कर घुमाया जाता है, जहां जबरन संबंध बनाने का विरोध करने पर महिला को जिंदा जलाने का प्रयास किया जाता है और पुलिस तमाशबीन बनी रहती है, उस देश व राज्य की सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है. बिहार की तमाम महिला संगठनों ने बिहिया की घटना के लिए जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और इस जघन्य कांड में शामिल लोगों को कठोर सजा दिलाने की मांग की.
साथ ही नालंदा के पावापुरी की घटना में जला दी गयी महिला के समुचित इलाज की व्यवस्था करने और अपराधियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की गयी. महिलाओं ने कहा कि उस महिला का इलाज पीएमसीएच में चल रहा है, वह 80 प्रतिशत जल चुकी है. ऐसे में उसे मदद की जरूरत है. मार्च में अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन, बिहार महिला समाज व बिहार वीमेंस नेटवर्क सहित कई महिला संगठन शामिल हुए.
