पटना : एडमिशन ले लिया, पर मान्यता अब तक नहीं

पटना : राज्यस्तरीय बीएड नामांकन प्रक्रिया में पटना विवि के दोनों बीएड कॉलेज पटना ट्रेनिंग कॉलेज व पटना वीमेंस ट्रेनिंग कॉलेज की ओर से 200 सीटों पर नामांकन तो ले लिया गया है. लेकिन, पढ़ाई हो पायेगी या नहीं, इसको लेकर सभी आशंकित हैं. क्योंकि, एनसीटीई की ओर से मान्यता में देरी की जा रही […]

पटना : राज्यस्तरीय बीएड नामांकन प्रक्रिया में पटना विवि के दोनों बीएड कॉलेज पटना ट्रेनिंग कॉलेज व पटना वीमेंस ट्रेनिंग कॉलेज की ओर से 200 सीटों पर नामांकन तो ले लिया गया है. लेकिन, पढ़ाई हो पायेगी या नहीं, इसको लेकर सभी आशंकित हैं. क्योंकि, एनसीटीई की ओर से मान्यता में देरी की जा रही है. मान्यता नहीं मिलने से छात्रों की आशंका बढ़ते जा रही है. छात्रों के लिए पीयू की डिग्री मायने रखती है.
छात्र और छात्राओं ने फर्स्ट च्वाइस के रूप में इन दोनों कॉलेजों को चुना है. लेकिन, यह एक तरह का रिस्क है. छात्रों से पहले ही अंडरटेकिंग ले लिया गया है कि अगर कॉलेजों को मान्यता नहीं मिली, तो इसके लिए विवि जिम्मेदार नहीं होगा. सोमवार से सत्र भी प्रारंभ होना है. छात्र-छात्राओं ने एडमिशन तो ले लिया है, लेकिन साथ ही परेशान भी हैं. हालांकि, छात्र यह भी उम्मीद पाले हुए हैं कि कुछ अच्छा ही होगा. सभी एनसीटीई की ओर आशा भरी निगाहों से देख रहे हैं.
हाईकोर्ट की ओर से एनसीटीई को पीयू के दोनों कॉलेजों की मान्यता के संबंध में जल्द ही निर्णय लेने का आदेश दिया जा चुका है. लेकिन, एनसीटीई ने विचार विमर्श के लिए और समय मांगा है. पीयू के रजिस्ट्रार मनोज मिश्र के अनुसार एनसीटीई ने कोर्ट से थोड़ा और समय मांगा है. 20 अगस्त तक का समय कोर्ट ने दिया है. अगर 20 को वे और समय नहीं मांगते, तो 20 अगस्त को ही कोई निर्णय पीयू के संबंध में एनसीटीई की ओर से दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि पीयू के पास सारे डॉक्यूमेंट्स मौजूद है.
नैक की मिल चुकी है मान्यता
अब पटना ट्रेनिंग कॉलेज के पास नैक की मान्यता भी है, लेकिन, एनसीटीई ने इसे भी नजरअंदाज कर रखा है. शिक्षकों की जहां तक बात है सरकारी संस्थानों में शिक्षक राज्य सरकार भर्ती करती है. रजिस्ट्रार कहते हैं कि हम एडहॉक शिक्षक रख सकते थे. उनकी सूची भी एनसीटीई को भेजी जा चुकी थी.
एनसीटीई के कहे अनुसार अब हमने भी कांट्रैक्ट पर पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की बहाली मासिक वेतन के आधार पर कर दी है. इसके बाद भी अगर पीयू को मान्यता नहीं मिलती है, तो हम आगे फिर कानूनी कार्रवाई के लिए बाध्य होंगे.
मनोज मिश्र, रजिस्ट्रार, पीयू

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