बिना लैब नहीं बनेंगी ग्रामीण सड़कें
पटना : ग्रामीण कार्य विभाग अपनी सड़कों की गुणवत्ता को लेकर और अधिक गंभीर हो गया है. जल्द ही विभाग अपनी सड़कों के लिए मेंटनेंस पॉलिसी ला रहा है. सड़कों के रखरखाव के लिए नयी पॉलिसी में कई अहम बातों को शामिल किया गया है. विभाग सड़क की गुणवत्ता और सड़क सुरक्षा को लेकर भी गंभीर हुआ है. विभाग के अभियंता प्रमुख खुद गुणवत्ता और सुरक्षा की निगरानी कर रहे हैं.
विभाग की अब जो भी सड़कें बनेगी इसमें संवेदक को निर्माण स्थल पर पूरी लैब रखनी होगी ताकि सड़क निर्माण में गुणवत्ता को परखा जा सके. लैब का नियम पहले से हैं लेकिन वास्तविक में इसका पालन नहीं होता था. सूबे में अब पीएमएसजीवाई का फेज दो शुरू होनेवाला है. इसके तहत महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़कें चौड़ी होगी. विभाग इसकी तैयारी में जुट गया है. इसके साथ राज्य में बड़े पैमाने ग्रामीण सड़कों का निर्माण हो रहा है. ग्रामीण कार्य विभाग की 1.29 लाख किलोमीटर सड़क है. इसमें 75 हजार किलोमीटर सड़क का निर्माण हो चुका है.
सड़कों की गुणवत्ता और स्थिति देखने के लिए कार्यपालक अभियंता से लेकर अभियंता प्रमुख तक सप्ताह में दो दिन फिल्ड में जा रहे हैं. अभियंता प्रमुख सुभाष चंद्र खुद सप्ताह में दो दिन फिल्ड में जा रहे हैं. अधिकारियों के फिल्ड में जाने का असर यह हुआ कि हर सड़क निर्माण स्थल पर लैब दिखने लगा है. अभियंता प्रमुख कहते हैं कि हर संवेदक को निर्माण स्थल पर लैब बनाना होगा. सड़क की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा.
