पति जाये या पत्नी, सिर्फ पार्षद को ही मिलेगा अध्ययन टूर का खर्च
पटना : शहर जब जलजमाव और दूसरे संकटों से परेशान है, उस समय शहर के ‘माननीय’ पार्षद अध्ययन टूर के नाम पर देशाटन करने जा रहे हैं. शुक्रवार को बोर्ड की बैठक में पार्षदों ने अध्ययन टूर के प्रस्ताव को ध्वनि मत से महज दस मिनट में पास कर दिया. एक पार्षद ने तो बोर्ड के अध्यक्ष से इस बात की गुजारिश भी कर डाली कि पार्षद पत्नी के साथ उनके पति को भी जाने की स्वीकृति दी जाये. उस पर आने वाले खर्च का स्टेटस भी जानना चाहा. जवाब में नगर आयुक्त अनुपम कुमार सुमन ने कहा कि साथ में पति जाये या पत्नी, टूर का खर्च सिर्फ पार्षद हो ही मिलेगा.
गौरतलब है कि आयोजित बैठक में पांचवें एजेंडे के रूप में स्वच्छता सर्वेक्षण में अव्वल रहे दस विभिन्न शहरों की बेस्ट प्रैक्टिस को देखने के लिए एक अध्ययन टूर का एजेंडा लाया गया था. इसमें विभिन्न शहरों में आठ दस पार्षदों को ग्रुप भेजने का प्रस्ताव है. एक पार्षद पर लगभग 50 हजार रुपये की राशि रखी गयी है. इसके लिए 37.5 लाख रुपये राशि खर्च करने का प्रस्ताव है. निगम के तमाम खर्च के हिसाब से बेशक यह राशि बेहद कम हो, लेकिन यह राशि, शहर को जलजमाव मुक्त करने में खर्च होने वाली राशि से ज्यादा है.
पहले भी जा चुके हैं पार्षद, नहीं निकला नतीजा : पहले भी पार्षद टूर पर जांच चुके हैं. वर्ष 2010-11 के दौरान दस पार्षदों का दल चेन्नई गया था. इस दौरान निगम का लगभग पांच लाख खर्च हुआ था. लौट कर पार्षदों ने कोई रिपोर्ट नहीं दी. इसके अलावा बीते वर्ष उपमहापौर विनय कुमार पप्पू व एक अन्य पार्षद ने पुणे का दौरा किया था. इस दौरान ठोस कचरा प्रबंधन पर अध्ययन किया. बतौर विनय कुमार पप्पू उसकी रिपोर्ट निगम बोर्ड में सौंपी थी, लेकिन कोई अनुपालन किया किया जा सका. इसके अलावा मेयर सीता साहु ने भी महाराष्ट्र के औरंगाबाद का दौरा किया. इस दौरान लगभग 30 हजार रुपये की राशि खर्च की गयी. मेयर ने नेशनल मेयर काउंसिल की बैठक में भाग लिया था. मगर उन्होंने रिपोर्ट नहीं दिया.
15 दिनों में शुरू हो जायेगा ऑनलाइन प्रमाणपत्र
बोर्ड की बैठक में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की सुविधा के लिए अंचलों में इसकी शुरुआत का प्रस्ताव लाया गया था. एजेंडे पर सवाल खड़ा करते हुए कि पार्षदों ने कहा कि कई सुविधाओं के अभाव में अब तक अंचल में इसकी शुरुआत नहीं की जा सकी है. जवाब में नगर आयुक्त ने कहा कि 15 दिनों में इसकी शुरुआत कर दी जायेगी. सारा सिस्टम अब ऑनलाइन होगा.
ट्रांसपोर्ट नगर में बनेगी आधुनिक वर्कशॉप : नगर निगम अपने वाहनों व अन्य संसाधनों के रखरखाव के लिए एक बड़ा व आधुनिक वर्कशॉप ट्रांसपोर्ट नगर में बनायेगा. सभी अंचलों में एक-एक छोटे वर्कशॉप होंगे. इसके अलावा शहर में भैंस व बकरे के मीट के लिए एक आधुनिक वधशाला का निर्माण किया जायेगा.
99 करोड़ की लागत से खरीदे जायेंगे 12 तरह के उपकरण : इस बार बोर्ड की बैठक में जलजमाव से निबटने व शहर की साफ-सफाई को बेहतर बनाने के साथ वार्डों में डोर टू डोर कचरा उठाव की शुरुआत करने के लिए 99 करोड़, नौ लाख, 20 हजार रुपये की लागत से लगभग 12 प्रकार के उपकरण खरीदने की स्वीकृति दी गयी.
पार्षदों ने उठाये सवाल : बोर्ड की बैठक में अन्यान्य के समय पार्षदों ने कई तरह के सवाल उठाये. इसमें पार्षदों ने अवैध होर्डिंग को हटाने, पटना में लगे सभी होर्डिंग अवैध होने व निगम अफसरों व कर्मियों की मिली भगत पर सवाल किया था. नगर आयुक्त ने कहा कि राज्य में जल्द नयी विज्ञापन नीति बन रही है.
इन मुद्दों पर भी बनी सहमति
– 75 वार्डों में जलापूर्ति योजना के तहत 50-50 लाख रुपये राशि का आवंटन.
– सात निश्चय योजना के तहत वार्डों में कच्ची नली गली योजना के लिए 50-50 लाख का आवंटन.
– बोरिंग कैनाल रोड, कदमकुआं, पुरानी सब्जी बाजार व जेडी वीमेंस कॉलेज के पास वेंडिंग जोन बनाने व अन्य जगहों के लिए निविदा के आधार पर कंपनी चयन कर सर्वे कराने की स्वीकृति.
– अगले माह से 75 वार्डों में शुरू होगा डोर टू डोर कचरा उठाव.
नगर आयुक्त ने बताया कि 12 करोड़ वाली 14 योजनाओं के डीपीआर फाइनल कर दिये गये है.
