पटना : बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के खिलाफ वर्ष 2014 में दर्ज हुए एक आपराधिक मामले में निचली अदालत द्वारा लिए गये संज्ञान आदेश को निरस्त करने के लिए दायर एक आपराधिक याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है. न्यायाधीश आशुतोष कुमार की एकलपीठ ने इन दोनों याचिकाकर्ताओं की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए चार सप्ताह में जवाब देने को कहा है.
मालूम हो कि वर्ष 2014 के फरवरी-मार्च में हुए बिहार बंद के दौरान राज्य में सत्तारूढ़ जदयू व भाजपा गठबंधन के कई नेताओं के खिलाफ सूबे भर में जबरन रेल रोकने के आरोप में 50 से भी अधिक मामले विभिन्न थानों में दर्ज हुए थे.
उन्ही मामलों में से एक मामला पटना जंक्शन स्थित आरपीएफ पोस्ट में सुशील मोदी व मंगल पांडेय सहित अन्य नेताओं के खिलाफ रेल अपराध के आरोप में दर्ज किया गया था. रेल थाने में दर्ज प्राथमिकियों पर अनुसंधान कर रेल पुलिस ने दोनों नेताओं के खिलाफ आरोपपत्र निचली अदालत में दायर कर दिया था. निचली अदालत ने आरोपपत्र के आधार पर इन दोनों नेताओं पर संज्ञान ले लिया था .
