प्रमिका और उसकी मां को गोली मारने के मामले में रिमांड पर लेकर संजीश से पूछताछ कर रही है पुलिस
कुर्जी के युवक से खरीदी थी मुंगेरी नाईन एमएम पिस्टल, हथियार नहीं हो सका है बरामद
पटना : अगमकुआं थाने के दाऊद बिगहा में 20 जुलाई को मां व बेटी ममता कुमारी (काल्पनिक नाम) को गोली मार कर जख्मी करने के मामले में पकड़े गये संजीश ने पुलिस को जानकारी दी कि प्रेमिका ममता ने उसे धोखा दिया था और दूसरे का हाथ थाम लिया था. इसे लेकर ही उसने गुस्से में गोली मार दी थी.
वह अपनी प्रेमिका को समझाने के लिए उसके घर पर गया था. जहां उसकी मां ने काफी डांट-फटकार लगायी और उसे जाने को कहा. उसने अपनी प्रेमिका को बुलाया तो वह आ गयी. इसके बाद उसे समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मानी. इसके बाद उसने दोनों को गोली मारी और वहां से फरार हो कर जगदेव पथ चला गया. बीच रास्ते में ही उसने पिस्तौल को फेंक दिया था.
वह दो दिनों तक जगदेव पथ इलाके में स्थित एक मैदान में रहा और फिर पटना में ही एक दोस्त के घर पर रह रहा था. संजीश कुमार फिलहाल अगमकुआं पुलिस की रिमांड पर है और उससे घटना से लेकर फायरिंग में उपयोग में लाये गये हथियार के संबंध में पूछताछ की जा रही है. पुलिस फिलहाल हथियार बरामद नहीं कर पायी है. लेकिन जिसने हथियार दिये थे उसके नाम की जानकारी मिल गयी है. उक्त व्यक्ति को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है.
बच्चे की तरह रो रहा था
पुलिस जब उसे रिमांड पर थाने में लेकर आयी और पूछताछ शुरू की तो वह बच्चे की तरह रोने लगा. वह एक ही बात कह रहा था कि लड़की ने उसे बर्बाद कर दिया. वह उसे गोली नहीं मारना चाहता था, लेकिन उसने मजबूर कर दिया. विदित हो कि संजीश कुमार ने सोमवार को पुलिस दबिश के बाद पटना सिटी न्यायालय में सरेंडर कर दिया था.
कॉलेज ऑफ कॉमर्स में हुई थी दोस्ती
संजीश ने पूछताछ में बताया कि उसने कुर्जी के ही राजू कुमार से 25 हजार रुपये में मुंगेरी नाईन एमएम पिस्टल खरीदी थी. वह कुर्जी स्थित घर से अपने साथी के साथ दाऊदबिगहा गया था.
इस दौरान उसने पहले से ही सोच लिया था कि अगर उसकी प्रेमिका नहीं मानी, तो फिर उसकी हत्या कर देगा. इसके बाद उसने फायरिंग कर दोनों को घायल कर दिया. संजीश शराब के एक मामले में जेल जा चुका है. वह सट्टेबाजी में हिस्सा लेता था और लाखों रुपये हार चुका है. लड़की कॉलेज ऑफ कॉमर्स में पढ़ती थी और उसकी दोस्ती हर्ष नाम के युवक से थी. हर्ष संजीश का दोस्त था.
इसी दौरान हर्ष के साथ संजीश भी अाता था और लड़की व संजीश की दोस्ती हो गयी. मोबाईल का आदान-प्रदान भी दोनों के बीच हो गया और फिर दोनों घंटों आपस में बात करने लगे. संजीश के पास पैसों की कमी नहीं थी और वह लड़की पर पैसे खर्च करने लगा. इधर सट्टेबाजी के कारण उसके काफी पैसे बर्बाद हो गये, जिसके कारण पैसे की कमी हो गयी.
उसने लड़की पर खर्च करना बंद कर दिया. इसके बाद लड़की ने भी एक माह से उससे बात करनी बंद कर दी. वह जब भी फोन करता, तो उसे काट देती और बात करने को तैयार नहीं थी. इसी बीच लड़की की दोस्ती राजेश नाम के युवक के साथ हो गयी और वह उसके साथ घूमने-फिरने लगी. यह बात संजीश को मालूम हो गयी और उसने कॉलेज परिसर में बात करने की कोशिश की. लेकिन लड़की ने साफ इन्कार कर दिया.
