इंटर-स्नातक नामांकन में बिहार बोर्ड का हस्तक्षेप खत्म करने समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन
पटना : एआइएसएफ के द्वारा राजभवन मार्च सोमवार को निकाला गया. मार्च के दौरान एआईएसएफ के छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया. लाठीचार्ज से जेपी गोलंबर आधे घंटे के लिए रणक्षेत्र में तब्दील रहा. आक्रोशित छात्र-छात्राओं और पुलिस के बीच लाठीचार्ज के बाद तीखी झड़प भी हुई.
लगभग एक बजे पटना कॉलेज से एआइएसएफ का राजभवन मार्च निकला, अशोक राजपथ होते हुए छात्र छात्राएं कारगिल चौक पहुंचे जहां पहले से ही तैनात पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं को रोकने की कोशिश की. जेपी गोलंबर पर लाठीचार्ज के बाद छात्र छात्राएं काफी आक्रोशित हो गये और पुलिस के द्वारा लगाये गये बैरिकेट को तोड़ दिया. छात्राओं ने गांधी मैदान साइड के सड़क से बैरिकेट तोड़ आगे निकल गयी. तत्काल महिला पुलिस बुलाया गया.
राजभवन में राज्यपाल के अपर सचिव प्रिय रंजन से छात्रों का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मिला. प्रतिनिधिमंडल ने अपर सचिव को 21 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा.
जिसमें इंटर-स्नातक नामांकन में बिहार बोर्ड का हस्तक्षेप खत्म करने, यूजीसी को खत्म किये जाने पर रोक लगाने, बीएड में मनमाने शुल्क पर रोक लगाने एवं न्यूनतम शुल्क लिए जाने के प्रस्ताव के साथ हाई कोर्ट के डबल बेंच में अपील करने, सभी छात्राओं एवं एससी-एसटी के छात्रों को पीजी तक निशुल्क शिक्षा सुनिश्चित करने, शैक्षणिक कैलेंडर लागू करने, परीक्षाफल गड़बड़ी पर रोक, तरंग एवं एकलव्य पुनः शुरू करने आदि मांग शामिल है.
अपर सचिव ने गंभीरता पूर्वक बातों को सुनते हुए शीघ्र राज्यपाल से मुलाकात कराने एवं राजभवन से निर्देश भेजने का भरोसा दिलाया. प्रतिनिधिमंडल में एआईएसएफ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मृत्युंजय मृणाल, राज्य उपाध्यक्ष कुमार जितेंद्र, राज्य सह-सचिव रंजीत पंडित एवं विकास झा तथा पटना जिला उपाध्यक्ष रोमा कुमारी शामिल थे.
जेपी गोलम्बर पर हुई सभा की अध्यक्षता राज्य उपाध्यक्ष सुशील उमाराज ने की. प्रदर्शन में शरद कुमार सिंह, अमित कुमार, अरुण कुमार, सुभाष पासवान, सहित सैकड़ों छात्र शामिल थे.
