पटना : मसौढ़ी इलाके में नदी पर बराज बांध बना रही वीरमपुर कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालक अरुण कुमार से पांच करोड़ की लेवी मांगने के मामले में नक्सली संगठन पीएलएफआई के दो हार्डकोर सदस्य राकेश कुमार व सत्येंद्र कुमार को पटना पुलिस की टीम ने गिरफ्तार कर लिया.
इन दोनों को दानापुर व राजीव नगर इलाके से पकड़ा गया. राकेश कुमार नालंदा और सत्येंद्र कुमार गया जिले का रहने वाला है. इन लोगों के पास से एक पिस्तौल भी बरामद किया गया है. वह मोबाइल भी जब्त किया गया है जिससे लेवी मांगी गयी थी.
बता दें कि पीएलएफआई ने कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालक अरुण कुमार को 21 मई को वाट्सअप से वीडियो कॉलिंग कर लेवी मांगी थी और नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी थी. वीडियो कॉल में एके 47 हथियार दिखाये गये थे और यह कहा गया था कि अगर पैसे नहीं मिले तो इन हथियारों का उपयोग तुम्हारे खिलाफ होगा.
उसके बाद मसौढ़ी थाने में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. दानापुर के लेखानगर से राकेश कुमार पकड़ाया और फिर सत्येंद्र की गिरफ्तारी मसौढ़ी इलाके से की गयी. सिटी एसपी (ईस्ट) राजेंद्र कुमार भील ने बताया कि लेवी मांगने में राकेश और सत्येंद्र भी शामिल थे.
सरगना अवधेश कुमार उर्फ चूहवा है जिसने धमकी दी थी और इसके लिए राकेश कुमार के फोन का इस्तेमाल किया गया था. सिम फर्जी नाम व पते पर लिया गया था.
विरार नदी पर हो रहा है बराज बनाने का काम : मसौढ़ी के विरार गांव में नदी के ऊपर बराज बनाने का काम चल रहा है. इसके लिए 50 करोड़ रुपये दिये गये हैं. इसे बनाने की जिम्मेदारी वीरमपुर प्राइवेट कंस्ट्रक्शन कंपनी को मिला है. पुलिस ने विशेष टीम का गठन कर दिया है. कमान पटना के एएसपी ऑपरेशन अनिल कुमार सिंह को दी गयी.
अवधेश पटना में कर रहा है पीएलएफआई को लीड
जांच के दौरान यह जानकारी पुलिस को मिली है कि पीएलएफआई एक बार फिर से पटना में सक्रिय होने की फिराक में है. नेतृत्व अवधेश उर्फ चूहवा कर रहा है. इसका भाई गणेश शंकर व सोनू फिलहाल जेल में बंद हैं.
