नये टर्मिनल भवन का एल-1 बिडर तय, प्रशासनिक स्वीकृति के बाद मिलेगा काम
पटना : पटना एयरपोर्ट के नये टर्मिनल भवन को बनने में चार साल लगेंगे. टर्मिनल भवन का ले आउट और निर्माण प्रोजेक्ट बनाने वाली कंपनी ने इसके लिए तीन साल का समय निर्धारित किया था.
लेकिन निर्माण कार्य की विशालता को देखते हुए एयरपोर्ट ऑथोरिटी द्वारा जारी टेंडर में संवेदक को इसके लिए चार साल का समय दिया गया है. टर्मिनल भवन के निर्माण पर कुल 540 करोड़ खर्च होंगे. इसके निर्माण का टेंडर पूरा हो चुका है. नागार्जुन कन्स्ट्रक्शन कंपनी एल-1 बिडर रही है, जिसने टेंडर के लिए सबसे सस्ता रेट डाला है. केंद्रीय कैबिनेट से प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद काम अवार्ड कर दिया जायेगा. इस माह के अंत तक एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया, नयी दिल्ली द्वारा काम अवार्ड हो जाने की संभावना है. काम अवार्ड होने के 10 दिनों के भीतर संवेदक कंंपनी को काम शुरू करना है. अगले माह में काम शुरू हो जायेगा.
एटीसी टावर, बोर्डिंग ब्रिज और कन्वियर बेल्ट के लिए अलग टेंडर : एटीसी टावर का निर्माण स्वीकृत टेंडर के अंतर्गत नहीं होगा बल्कि इसके लिए अलग से टेंडर निकाला जायेगा. यात्रियों को टर्मिनल से पार्किंग बे तक पहुंचाने के लिए बोर्डिंग ब्रिज का भी निर्माण होना है, जिसके लिए अलग से टेंडर निकाला जायेगा.
इसी तरह चेकइन लगेज की सुरक्षा जांच और उनको विमान तक पहुंचाने के लिए बड़े-बड़े कन्वेयर बेल्ट भी लगाये जाने हैं, जिसके लिए अलग से टेंडर निकाला जायेगा. कुछ अन्य छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया की नयी दिल्ली स्थित मुख्यालय द्वारा अलग से टेंडर निकाला जायेगा. लेकिन ये सारे काम भी अगले चार वर्षों के भीतर ही पूरे करने होंगे.
पार्किंग और फायर फाइटिंग के साथ होगा टर्मिनल का निर्माण
टेंडर की शर्तों के अनुसार संवेदक को दोमंजिले टर्मिनल भवन का निर्माण करना है, जो कुल पांच लेयरों में बंटा होगा. ऊपरी लेयर पर डिपार्चर जबकि ग्राउंड लेयर पर एराइवल रहेगा. इसके साथ एक अंडरग्राउंड लेवल भी होगा, जिसमें फायर फाइटिंग की व्यवस्था होगी.टर्मिनल भवन की कुल क्षमता 45 लाख यात्रियों की होगी. साथ ही, प्रस्तावित राशि में ही संवेदक को इतनी बड़ी संख्यायात्रियों को लाने ले जाने वाले वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था करनी होगी. इसके लिए टर्मिनल भवन के सामने एक विशाल मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण होगा. टर्मिनल भवन के भीतर इलेक्ट्रिक फिटिंग भी प्रस्तावित 540 करोड़ की राशि में ही संवेदक को करनी होगी.
