लालू परिवार पर सुशील मोदी का वार, कहा- CBI को चुनौती देने वाले पूछताछ से तिलमिलाए

पटना : बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने आज कहा कि आरोपपत्र दाखिल करने की चुनौती देने वाले पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सीबीआई की पूछताछ के बाद तिलमिला गये हैं. सुशील मोदी ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद के रेल मंत्री रहते निविदा आवंटन मामले मेंमंगलवारको सीबीआई द्वारा लालू के छोटे पुत्र एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री […]

पटना : बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने आज कहा कि आरोपपत्र दाखिल करने की चुनौती देने वाले पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सीबीआई की पूछताछ के बाद तिलमिला गये हैं. सुशील मोदी ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद के रेल मंत्री रहते निविदा आवंटन मामले मेंमंगलवारको सीबीआई द्वारा लालू के छोटे पुत्र एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव से पूछताछ किये जाने पर कहा कि आरोपपत्र दाखिल करने की चुनौती देने वाले तेजस्वी सीबीआई की पूछताछ के बाद तिलमिला गये हैं.

सुशील मोदी ने कहा कि सीबीआई से पहले अगर बिहार की जनता को उन्होंने केवल एक सवाल का जवाब दे दिया होता कि 28 साल की उम्र में बिना किसी नौकरी-व्यवसाय के पटना की तीन एकड़ जमीन, जिस पर 750 करोड़ का उनका मॉल बन रहा था, के मालिक कैसे बन गए तो उन्हें उपमुख्यमंत्री की कुर्सी नहीं गंवानी पड़ती. उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव, उनकी मां एवं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी बिहार की जनता को केवल इतना ही बता दें कि मात्र 64 लाख रुपये की पूंजी लगाकर पटना की 3 एकड़ जमीन जिसका बाजार मूल्य 94 करोड़ रुपये से अधिक है, के मालिक कैसे बन गये?

डिप्टी सीएम ने यह पूछा कि क्या रेलवे के 2 होटलों को लीज पर देने की एवज में हर्ष कोचर की कम्पनी से 3 एकड़ जमीन पटना में प्रेमचंद गुप्ता की डिलाइट मार्केटिंग के नाम से बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर नहीं लिखवा ली गयी थी? सुशील मोदी ने पूछा कि आखिर प्रेमचंद गुप्ता ने अपनी करोड़ों की जमीन और पूरी कंपनी (डिलाइट मार्केटिंग) राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को क्यों सौंप दी? 2014 में 85 प्रतिशत शेयर राबड़ी देवी और 15 प्रतिशत शेयर का स्वामित्व तेजस्वी यादव ने कैसे हासिल कर कंपनी और करोड़ों की जमीन के मालिक बन गये?

सुशील मोदी ने आरोप लगाया कि आखिर डिलाइट कंपनी के पुराने निदेशकों को 2014 में हटाकर तेज प्रताप, तेजस्वी, राबड़ी देवी, चंदा यादव एवं रागिनी लालू 2014-16 के बीच इस कंपनी के निदेशक कैसे बन गये? उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि दरअसल सीबीआई के दरवाजा खटखटाते ही तेजस्वी न केवल परेशान हैं, बल्कि उनके होश भी उड़ गये हैं. सुशीलमोदी ने आरोप लगाया कि लालू परिवार के बचाव में उतरे शिवानंद तिवारी ने ही 2008 में शरद यादव के नेतृत्व में इस मामले को तत्कालीन प्रधानमंत्री के समक्ष उठाया था. उन्होंने कहा कि अनाप-शनाप आरोप लगाकर कोई न तो अपने अपराध से बच सकता है और न ही जनता की सहानुभूति प्राप्त कर सकता है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar digital desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Read More
Tags
CBI
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >