JDU का लालू के छोटे बेटे से बड़ा सवाल, अपनी संपत्ति सार्वजनिक क्यों नहीं करते तेजस्वी ?

पटना : बिहार सरकार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल सभी मंत्रियों की संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक कर दिया गया है. सभी जानकारियों को वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है. इसके साथ ही बिहार में राजद पर जदयू के नेताओं ने हमला तेज कर दिया है. राजद की ओर से […]

पटना : बिहार सरकार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल सभी मंत्रियों की संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक कर दिया गया है. सभी जानकारियों को वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है. इसके साथ ही बिहार में राजद पर जदयू के नेताओं ने हमला तेज कर दिया है. राजद की ओर से किसी भी नेता और पूर्व में मंत्री रहे लोगों की संपत्ति सार्वजनिक नहीं है. इसे लेकर जदयू ने राजद पर हमला बोला है. जदयू नेता और प्रवक्ता संजय सिंह ने लालू के छोटे बेटे और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से सवाल किया है कि विपक्ष के नेता होने के नाते, तेजस्वी यादव को भी अपनी संपत्ति सार्वजनिक करनी चाहिए. आखिर उन्होंने अब तक संपत्ति को सार्वजनिक क्यों नहीं किया ?

जदयू नेता ने सवाल पूछते हुए कहा है कि तेजस्वी यादव सार्वजनिक जीवन में हैं. आखिर यह लोग अपनी संपत्ति को सार्वजनिक करने से परहेज क्यों करते हैं. संजय सिंह ने कहा है कि तेजस्वी यादव को संपत्ति का ब्योरा देना चाहिए, क्योंकि जनता जानना चाहती है कि जिस नेता पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, उसकी असली कमाई आखिर कितनी है, या फिर उनके पास एकत्रित कितना काला धन है ? तेजस्वी यादव पर भी बेनामी संपत्ति रखने का आरोप है और तेजस्वी यादव एजेंसियों की जांच का सामना कर रहे हैं.

संजय सिंह ने कहा कि जाति मुक्त न्याय की बात तेजस्वी यादव द्वारा करना लालू की सजा से पहले की बेचैनी को दर्शाता है. संजय सिंह ने कहा कि कल तक लालू और उनके परिवार वाले न्यायपालिका पर भरोसा जताते थे मगर आज वह उसी न्यायपालिका को अंधा कानून बता रहे हैं. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि जिन दो याचिकाकर्ताओं की शिकायत पर चारा घोटाले की जांच 90 के दशक में शुरू हुई थी उनमें से एक शिवानंद तिवारी हैं जो फिर से वापस राजद में ही आ चुके हैं. संजय सिंह ने कहा कि शिवानंद तिवारी आज भले ही चारा घोटाले मामले में लालू के खिलाफ याचिका को अपने जीवन की सबसे बड़ी भूल बता रहे हों, लेकिन लालू यादव आज उसी की सजा भुगत रहे हैं.

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