पटना : भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय ने कहा है कि पार्टी की देश भर में हो रही लगातार जीत से हमें आराम करने की बजाय दोगुने उत्साह से संगठन के काम में लगने की जरूरत है.
वे रविवार को पार्टी कार्यालय में पूर्व सांसदों, विधायकों एवं लोकसभा, विधानसभा व विधान परिषद के पूर्व प्रत्याशियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे. बैठक में संगठन के विस्तार व मजबूती पर विस्तार से चर्चा की गयी. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हिमाचल और गुजरात की जीत के उत्साह को संगठन की मजबूती में लगाना होगा. बैठक में प्रदेश से लेकर बूथ स्तर के संगठन के संचालन व उसमें होने वाले खर्च के लिए सौ करोड़ का फंड जुटाने का लक्ष्य तय किया गया. इस राशि के ब्याज से पार्टी का खर्च चलेगा. वहीं, बैठक में 2019 में पुनः नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने का संकल्प दोहराया गया.
हमें तन, मन व धन से लगना होगा
बैठक में नित्यानंद राय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह राष्ट्र निर्माण के काम में अनवरत लगे हैं. हम सभी को राष्ट्रहित के कार्य में लगना होगा. उन्होंने कहा कि भाजपा एक ऐसा राजनीतिक संगठन है, जो सिर्फ चुनाव ही नहीं लड़ती है, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण भी हमारा लक्ष्य है. इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए 2019 में एक बार फिर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाना है. इसके लिए अभी से हमें तन, मन व धन से लगना होगा.
15 जनवरी के बाद कभी भी अमित शाह आ सकते हैं बिहार के दौरे पर
बैठक में भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री नागेंद्र जी ने संगठन की बारीकियों से सभी को को रू-ब-रू कराया.उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए संगठन जरूरी है. इसके लिए चरित्र निर्माण और समाज चेतना के काम में हमारी महत्वपूर्ण भूमिका है. बैठक में 15 जनवरी के पहले तक बूथ स्तर पर कमेटी गठित करने पर भी निर्णय हुआ. 15 जनवरी के बाद कभी भी अमित शाह बिहार के दौरे पर आ सकते हैं.
बैठक में कार्यकर्ताओं का कहना था कि भाजपा सरकार में शामिल है लेकिन पार्टी अपने एजेंडे पर आगे नहीं बढ़ रही है. बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेणु देवी, प्रदेश सह संगठन महामंत्री शिवनारायण, प्रदेश उपाध्यक्ष देवेश कुमार, राजेंद्र गुप्ता, विनय सिंह, शिवेश राम सहित रवींद्र चरण यादव, पूर्व सांसद अनिल यादव, पूर्व विधायक संजय टाइगर, प्रेम रंजन पटेल, सुशील चौधरी आदि मौजूद थे. राधामोहन शर्मा व प्रमोद चंद्रवंशी भी मौजूद थे.
