सूबे में 108 नगर चिकित्सा सुविधा केंद्र खोले जायेंगे

शहरों में रहकर रोजी-रोजगार करनेवाले असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के अलग से इलाज की व्यवस्था होगी.

संवाददाता,पटना शहरों में रहकर रोजी-रोजगार करनेवाले असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के अलग से इलाज की व्यवस्था होगी. ऐसे श्रमिकों के इलाज के लिए राज्यभर में कुल 108 नगर चिकित्सा सुविधा केंद्र खोलने की तैयारी जा रही है. इन केंद्रों पर संध्याकालीन प्राथमिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे किसी भी श्रमिक को रोजगार नहीं छोड़ना पड़े और उसको किसी तरह की पारिश्रमिक का नुकसान नहीं हो. स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहले चरण में पायलट प्रोजेक्ट के तहत राजधानी पटना के अलावा सभी प्रमंडलीय मुख्यालयों और जिला मुख्यालयों में श्रमिक आबादी के बीच इस तरह के नगर चिकित्सा सुविधा सेंटर खोले जायेंगे. पायलट प्रोजेक्ट के तहत राजधानी पटना में 10, अन्य प्रमंडलीय मुख्यालयों में पांच-पांच और सभी जिला मुख्यालयों में दो-दो केंद्र सहित कुल 108 केंद्रों के स्थापना होगी. सेंटर पर एक डॉक्टर, दो नर्सिंग स्टाफ और अन्य सहयोगी स्टाफ की तैनाती की जायेगी सेंटर पर कम से कम एक एमबीबीएस डॉक्टर, दो नर्सिंग स्टाफ और अन्य सहयोगी स्टाफ की तैनाती की जायेगी. यहां श्रमिक, महिलाएं, बच्चों के अलावा बुजुर्ग व्यक्तियों को मुफ्त में इलाज किया जायेगा. संध्याकालीन नगर चिकित्सा सुविधा सेंटरों पर इलाज के जांच की बुनियादी सुविधा होगी, जिसमें डायबिटिज की जांच, खून की कमी की जांच, गर्भावस्था, इसीजी, ब्लडप्रेशर, एपीओ2, सर्दी-खांसी, बुखार संबंधित जांच शामिल हैं. यहां पर मरीजों को आवश्यकता होने पर बड़े अस्पतालों में रेफर भी किया जा सकेगा. इन सेंटरों को चलाने में 29 करोड़ खर्च होंगे सरकार से इस योजना की स्वीकृति मिल गयी है. यह आकलन किया गया है कि 108 नगर चिकित्सा केंद्रों पर औसतन 75 मरीज प्रतिदिन इलाज कराने आ सकते हैं. इन सेंटरों को चलाने में करीब 29 करोड़ से अधिक राशि खर्च होने का अनुमान है. यहां पर इलाज के खर्च का वहन स्वास्थ्य विभाग की ओर से किया जायेगा. बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड (बीएमएसआइसीएल) द्वारा मुफ्त दवाओं की सप्लाइ की जायेगी. इस पायलट प्रोजेक्ट का कार्यान्वयन बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति द्वारा किया जायेगा. एजेंसी का चयन खुला टेंडर के आधार पर होगा. चयनित अनुभवी एजेंसी के माध्यम से यह काम कराया जायेगा. सभी आधारभूत संरचना स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से उपलब्ध कराया जायेगा. श्रमिकों को मिलनेवाली मुफ्त इलाज की सेवा में नगर विकास एवं आवास विभाग से भी सहयोग प्राप्त किया जायेगा.

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By Rakesh ranjan

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