बिहार : जब शरद यादव ने नीतीश को बताया मित्र, कहा, मेरे मित्र ने रास्ता बदल लिया

नयी दिल्ली : शरद यादव गुट की ओर से बुलायी गयी जदयू की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में असली जदयू खुद को घाेषित किया गया, जबकि दूसरे गुट को सरकारी जदयू बताया गया. जदयू पर दावे को लेकर चल रही खींचतान के बीच पूरे देश में महागठबंधन बनाने का आह्वान किया गया. परिषद ने शरद […]

नयी दिल्ली : शरद यादव गुट की ओर से बुलायी गयी जदयू की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में असली जदयू खुद को घाेषित किया गया, जबकि दूसरे गुट को सरकारी जदयू बताया गया. जदयू पर दावे को लेकर चल रही खींचतान के बीच पूरे देश में महागठबंधन बनाने का आह्वान किया गया.
परिषद ने शरद यादव को यह अधिकार दिया कि वह पूरे देश में घूम कर केंद्र सरकार की विफलताओं को उजागर करने के साथ ही 2019 में एक वैकल्पिक सरकार के निर्माण की दिशा में प्रयास करें. बताया गया कि 24 राज्य इकाइयों में से 19 राज्यों के लगभग 500 से ज्यादा सदस्यों ने राष्ट्रीय परिषद की बैठक में हिस्सा लिया है.
शरद यादव ने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार का नाम लिये बगैर कहा कि उन्होंने एनडीए से अलग होने के समय भी विरोध किया था, लेकिन तब उनकी (नीतीश कुमार ) बात को मानना पड़ा, नहीं तो पार्टी टूट जाती. इस बार भी उनके मित्र ने अलग रास्ता पकड़ लिया. मुझे कुछ नहीं कहना.

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