लालू अपनी और अपने परिवार के क्रियाकलापों की करें समीक्षा : संजय

पटना. जदयू के मुख्य प्रवक्ता व विधान पार्षद संजय सिंह ने कहा कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद अपनी और अपने परिवार के क्रियाकलापों की समीक्षा करें. उनके पास अभी समय है, वह जितनी चाहे समीक्षा अपने खुद के लिए व अपने परिवार के लिए कर सकते हैं. नीतीश कुमार बिहार के सीएम हैं और उनका […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 8, 2017 7:44 AM
पटना. जदयू के मुख्य प्रवक्ता व विधान पार्षद संजय सिंह ने कहा कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद अपनी और अपने परिवार के क्रियाकलापों की समीक्षा करें. उनके पास अभी समय है, वह जितनी चाहे समीक्षा अपने खुद के लिए व अपने परिवार के लिए कर सकते हैं.
नीतीश कुमार बिहार के सीएम हैं और उनका काम है कि वह चरणबद्ध तरीके से अपने सभी विभागों की समीक्षा करें. इसी समीक्षा से तय होता है कि विभाग में किसने कितना काम किया है. राजद सुप्रीमो को इस तरह की समीक्षा से नफरत है, क्योंकि जब वो सीएम थे तो यह परिपाटी नहीं थी कि कोई समीक्षा हो. समीक्षा करने की परिपाटी तो सीएम नीतीश कुमार ने बनायी है.
इस समीक्षा को लालू प्रसाद कैसे समझ सकते हैं वह तो अपने परिवार की समीक्षा करते हैं कि किसे विधायक बनाना है, किसे मंत्री बनाना है, किसे एमपी बनाना है. लालू प्रसाद अपने परिवार से ऊपर उठकर किसी भी चीज की समीक्षा नहीं करते हैं.
संजय सिंह ने कहा कि लालू प्रसाद को एक सुझाव है कि वह अपने परिवार के साथ अपने समाज की समीक्षा करें तो शायद उनके लिए और उनके बेटों के लिए बेहतर होगा. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने कभी घर में बैठ कर राजनीति नहीं की है. वो अक्सर लोगों के बीच में रह कर उनकी राजनीति की है. समय-समय पर नीतीश कुमार ने यात्राएं भी निकाली है और लोगों से फिड बैक भी लिया है.
नीतीश कुमार ने दस यात्राएं निकाली है, जिसमे न्याय यात्रा, विकास यात्रा, धन्यावाद यात्रा, प्रवास यात्रा, सेवा यात्रा, अधिकार यात्रा, संकल्प यात्रा, विश्वास यात्रा और निश्चय यात्रा शामिल है. उन्होंने कहा कि तेजस्वी प्रसाद यादव नेता नहीं बन सकते हैं. तेजस्वी यादव को ना तो लालू प्रसाद का वोटर अपना नेता मानेगा और ना ही राजद के बड़े नेता ही उन्हें अपना नेता मानेंगे. लालू प्रसाद परिवार भक्ति में बल्किुल अंधे हो चुके हैं.
वो रात दिन बस यही सोचते हैं कि उनका परिवार कैसे राजनीति में सेटल हो जाये. बिहार के मंत्रिमंडल में मंत्री बनाना हो तो उनके बेटे बनेंगे, विधानसभा में विपक्ष का नेता बनाना हो तो उनके बेटे बनेंगे, विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष का नेता बनाना हो तो उनकी पत्नी बनेगी, राज्यसभा सदस्य बनाना हो तो उनकी बेटी बनेगी.