पटना : महागंठबंधन से अलग होकर एक बार फिर भाजपा के साथ सरकार बनाने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहली बार प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा कि सेक्यूलरिज्म का चादर ओढ़कर लोग संपत्ति अर्जित करें, यही मतलब है सेक्यूलरिज्म का? उन्होंने लालू परिवार पर तंज कसते हुए कहा कि लोग धर्मनिरपेक्षता की बात करते हैं और परिवारवाद को बढ़ावा देते हैं.
नीतीश ने भाजपा से गंठबंधन के सवाल पर कहा कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से प्रस्ताव आया था, प्रधानमंत्री ने भी ट्वीट किया था. जब पहली बार लालू जी पर रेड पड़ा था तो उन्होंने ट्वीट के जरिए भाजपा को नये सहयोगी मिलने की बधाई दी थी. इसके 40 मिनट के भीतर उन्होंने सफाई भी दे दी. लेकिन इसका असर क्या हुआ.
नीतीश ने कहा कि मेरे पास और कोई रास्ता नहीं बचा था. मैनें सबकुछ बर्दाश्त किया, हालांकि ये सब गंठबंधन में होता रहता है. मैं काम करता रहा. मैंने उनसे (राजद) कहा था कि भ्रष्टाचार पर अपनी स्थिति स्पष्ट करें या अपने उपर लगे आरोपों पर सफाई दें. क्या उन्होंने ऐसा किया? यदि उन्होंने ऐसा किया होता तो स्थिति अलग होती.
2019 के लोकसभा चुनाव पर पूछे गये सवाल के जवाब में नीतीश कुमार ने कहा कि मोदीजी का मुकाबला करने की क्षमता किसी में नहीं है. एक पुराने वाकये की चर्चा करते हुए नीतीश ने कहा कि जब लालू जी पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ का चुनाव लड़ रहे थे, तब मैं इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ता था. मैंने 500 में से 450 वोट उनके पक्ष में डलवाये थे.
